Noida Authority Section 11 News: आजकल नोएडा में आवंटियों को डराने धमकाने के लिए धारा 10 को नोटिस ही काफी हैं। अपने भूखंड या फ्लैट में अतिक्रमण किया और विभाग ने धारा 10 का नोटिस जारी कर दयिा तो प्रोपर्टी पर आफत आ सकती है। एक माह में भूखंड या फ्लैट को मूल स्वरूप में लाकर नोटिस का निस्तारण कराना अवश्य होगा, नही तो आपका आवंटित भूखंड या फ्लैट निरस्त हो सकता है। यह आदेश नए एसीईओ कृष्णा करूणेश ने विभागीय ओएसडी, प्रबंधक, डिलिंग हेड को भेज दिये है। इसमें कहा कि धारा 10 के नोटिस का निस्तारण एक माह में कराएं, नहीं होने पर आवंटन सीधे निरस्त किया जाए। आवंटी को ट्रांसफर मेमोरेंडम के समय तीन हजार नोटिस विभाग से दोबारा आवंटियों को भेजे जा रहे हैं। एक माह में उन्हें निस्तारण करना होगा, यदि नही कराया तो आवंटन निरस्त किया जाएगा। धारा 10 की आड़ में किसी भी प्रकार का खेल नहीं होगा। यदि कोई विभागीय अधिकारी व कर्मचारी इसमें संलिप्त पाया जाता है। उसके परेशान नहीं किया जाएगा।
पिछले दो वर्ष में धारा 10 के नोटिस का मांगा ब्यौरा
बता दें कि जिस आवंटी को धारा 10 का नोटिस थमाया है, उसका निस्तारण टीएम के समय नहीं होगा। आवंटी जिस समय अपना भूखंड या फ्लैट बेचने के लिए आया है, उसको विभागीय कर्मचारियों की ओर से धारा 10 की आड़ में परेशान किया जा रहा है। इससे प्राधिकरण की छवि धूमिल होती है। नोटिस मौके पर आवंटी को रिसीव कराया जाए। लगातार शिकायत आ रही है कि विभागीय कर्मचारियों की ओर धारा 10 का नोटिस जारी कर दिया जाता है, लेकिन आवंटी को प्राप्त नहीं होता है। आवंटी के पास धारा 10 का नोटिस उपलब्ध होना चाहिए। यह जिम्मेदारी कर्मचारियों की होगी, नोटिस आवंटी नहीं लेता है तो उसकी संपत्ति का चस्पा किया जाए। एसीईओ कृष्णा करूणेश ने विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों से पिछले दो वर्ष में धारा 10 को जारी नोटिस की सूची तलब की।
सीईओ ने बैठक में दिये थे सख्त निर्देश
एसीईओ कृष्णा करूणेश ने बताया कि पिछले सप्ताह विभागों से जारी धारा 10 नोटिस प्रकरण को लेकर नोएडा प्राधिकरण सीईओ डा. लोकेश एम ने बिल्डर सोसायटी, आवासीय भूखंड अफसरों के साथ बैठक की थी। इसमें सख्त निर्देश दिया था कि भूखंड व फ्लैट में अतिक्रमण करने के नाम पर धारा 10 का खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

