लेकिन आज (12 मार्च 2026) एक बड़ी राहत की खबर आई है ईरान ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अब्बास अराघची की बातचीत के बाद भारत के झंडे वाले तेल-एलपीजी टैंकरों को होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दे दी। भारतीय टैंकर ‘पुष्पक’ और ‘परिमल’ पहले ही सुरक्षित निकल चुके हैं, और दो अतिरिक्त कार्गो रास्ते में हैं। भारत की 85-90% LPG आयात (कुल खपत का 60-67%) होर्मुज से आती है, इसलिए यह कूटनीतिक सफलता महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सरकार का रुख साफ है घरेलू LPG संकट नहीं है।
पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा और राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने आज कहा: रिफाइनरियों में LPG उत्पादन 10-25% बढ़ा दिया गया (पूर्ण क्षमता पर चल रही हैं)। घरेलू उपभोक्ताओं (33 करोड़ कनेक्शन) को प्राथमिकता, अस्पताल-श्मशान भी इसमें सामिल।
वैकल्पिक स्रोत (रूस, पश्चिम अफ्रीका) से आयात शुरू, LNG कार्गो भी आ रहे हैं। पैनिक बुकिंग और होर्डिंग अफवाहों से हो रही है—25 दिन का गैप अनिवार्य कर दिया गया। हालांकि कमर्शियल सिलेंडर (होटल-रेस्टोरेंट के लिए) अभी भी प्रभावित हैं क्योंकि घरेलू सप्लाई को प्राथमिकता दे दी गई है। राष्ट्रीय रेस्टोरेंट एसोसिएशन और होटल संगठनों ने चेतावनी दी कि अगर 2-3 दिन में सुधार नहीं हुआ तो मुंबई में 50%, बेंगलुरु-पुडुचेरी में कई होटल बंद हो सकते हैं।
अफवाहों का दौर? सोशल मीडिया (X, इंस्टाग्राम) और कुछ नेशनल चैनलों पर “पूरी सप्लाई बंद”, “सिलेंडर कभी नहीं मिलेगा” जैसी खबरें वायरल हो रही हैं, जिससे पैनिक बुकिंग बढ़ी। सरकार ने स्पष्ट अपील की “घबराएं नहीं, ऊर्जा बचाएं, अफवाहों पर विश्वास न करें।”
निष्कर्ष: होर्मुज खुलने और घरेलू उत्पादन बढ़ने से समस्या का हल शुरू हो गया है। घरेलू उपभोक्ताओं को तुरंत राहत मिलेगी, लेकिन होटल-रेस्टोरेंट को पूरी सामान्य स्थिति में 1-2 हफ्ते लग सकते हैं। अगर अफवाहें रुकीं तो स्थिति जल्द नियंत्रण में आ जाएगी, वरना पैनिक बुकिंग जारी रह सकती है। सरकार ने शिकायत निवारण के लिए तीन सदस्यीय कमिटी भी बना दी है। देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए यह कूटनीतिक जीत बड़ी है, लेकिन अफवाहों से बचना भी जरूरी। स्थिति पर नजर बनी रहेगी।

