होटल मालिक के भतीजे सोनू ने बताया कि उद्घाटन सुबह में हुआ था और परिवार सहित कई लोग मौजूद थे। ऊपरी मंजिल पर शॉर्ट सर्किट से आग शुरू होने की आशंका जताई जा रही है, जो तेजी से पूरे भवन में फैल गई। आग लगते ही घना धुआं भर गया, जिससे अंदर करीब 40 लोग फंस गए। अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। मौके पर पहुंची दमकल विभाग की 6 से अधिक गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए क्रेन का सहारा लिया गया। पुलिस ने इलाके को घेरकर आसपास के लोगों को भी सुरक्षित बाहर निकाला। सभी फंसे लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है, लेकिन होटल को भारी नुकसान हुआ है।
सुरक्षा मानकों और एनओसी पर उठे सवाल
यह एक नया होटल होने के बावजूद इतनी बड़ी आग लगना सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। उद्घाटन के दिन ही इस तरह की घटना से फायर एनओसी और अन्य विभागीय मंजूरियों की प्रक्रिया पर चर्चा तेज हो गई है। अधिकारियों ने आग के सटीक कारणों की जांच शुरू कर दी है, लेकिन सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप लगने लगे हैं। जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि सुरक्षा उपायों में कोई कमी तो नहीं थी। फिलहाल घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है और स्थिति नियंत्रण में है। यह घटना होटल उद्योग में फायर सेफ्टी के महत्व को फिर से रेखांकित करती है।

