डेटिंग ऐप से हनीट्रैप: सोशल मीडिया पर बदनामी की धमकी देकर वसूली, 4 शातिर गिरफ्तार

डेटिंग ऐप से हनीट्रैप: नोएडा पुलिस ने एक ऐसे संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है जो डेटिंग ऐप्स को हथियार बनाकर लोगों को हनीट्रैप में फंसाता था और फिर सोशल मीडिया पर बदनाम करने की धमकी देकर मोटी रकम ऐंठता था। थाना सेक्टर-126 पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस की मदद से 2 अप्रैल 2026 को गिरोह के चार सदस्यों सुशांक सिंह, प्रदीप, रोहित कुमार और वासु को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से एक डायमंड सॉलिटेयर नग, एक सोने की चेन और 14,530 रुपये नकद बरामद किए गए।

कैसे देते थे वारदात को अंजाम?

यह गिरोह फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर किराए पर कमरा लेता था, ताकि असली पहचान छिपी रहे। इसके बाद डेटिंग ऐप्स पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर भोले-भाले लोगों से संपर्क किया जाता था और उन्हें किराए के कमरे पर मिलने के लिए बुलाया जाता था। जैसे ही पीड़ित वहाँ पहुँचता, उसे आपत्तिजनक स्थिति में फंसाकर फोटो और वीडियो बना ली जाती थी। फिर उसे परिवार को भेजने या सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर जेवरात और नकदी छीन ली जाती थी।

पुलिस का क्या कहना है?

एडीसीपी नोएडा मनीषा सिंह ने बताया कि ये अभियुक्त चोरी के सिम कार्ड का भी इस्तेमाल करते थे और संगठित रूप से काम करते थे। पूछताछ में सामने आया है कि पीड़ितों को डरा-धमकाकर जबरन वसूली की जाती थी। आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उनके बाकी साथियों और पूर्व आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है। यह मामला एक बार फिर याद दिलाता है कि ऑनलाइन डेटिंग प्लेटफॉर्म पर अनजान लोगों से मेलजोल बेहद सतर्कता से करना चाहिए। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि ऐसे किसी भी जाल में फंसने पर तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें।​​​​​​​​​​​​​​​​

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