‘मां का @#$..’ नारे लगाते हिंदू लड़कियों का अश्लील डांस: पश्चिम बंगाल में 2026 विधानसभा चुनावों की सरगर्मी तेज होने के साथ रामनवमी जुलूस अब सिर्फ धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि राजनीतिक और सांस्कृतिक बहस का केंद्र बन गए हैं। इसी बीच एक चौंकाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें बंगाल के रामनवमी जुलूस में हिंदू लड़कियां अश्लील तरीके से नाचती दिख रही हैं और ‘मां का @#$..’ जैसे अश्लील नारे लगाए जा रहे हैं। वीडियो न्यूज चैनल ने शेयर किया, जिसमें सैकड़ों युवतियां जुलूस के दौरान डीजे पर अश्लील डांस करती नजर आ रही हैं।
वीडियो में साफ दिख रहा है कि जुलूस के बीच लड़कियां बेहद अश्लील अंदाज में नाच रही हैं, जबकि भीड़ ‘मां का @#$..’ जैसे गंदे नारे लगा रही है। पूरा माहौल राम-भक्ति के नाम पर वुल्गर हो गया। वीडियो मात्र कुछ घंटों में लाखों बार देखा जा चुका है और सोशल मीडिया पर आक्रोश की लहर दौड़ गई है। कई लोग इसे “हिंदू संस्कृति का अपमान” बता रहे हैं, तो कुछ इसे “चुनावी ध्रुवीकरण” का नया हथियार मान रहे हैं।
चुनावी संदर्भ में क्यों मायने रखती है यह घटना?
2026 के बंगाल चुनावों में रामनवमी जुलूस पहले से ही सुर्खियों में हैं। बीजेपी इन जुलूसों को “हिंदू अस्मिता” और “बांग्लादेश में हिंदू उत्पीड़न” के खिलाफ प्रदर्शन के रूप में आयोजित कर रही है, जबकि ममता बनर्जी सरकार इन्हें “सांप्रदायिक उकसावा” बताती आ रही है। मुर्शिदाबाद, सिलिगुड़ी और हावड़ा में रामनवमी के दौरान पथराव, तलवारबाजी और झंडा फहराने जैसी घटनाएं पहले ही हो चुकी हैं। अब यह अश्लील डांस वाला वीडियो बीजेपी-टीएमसी के बीच नई बहस छेड़ने वाला है।
बीजेपी कार्यकर्ता इसे “टीएमसी शासन में सांस्कृतिक पतन” का सबूत बता रहे हैं। वहीं विपक्षी और सेकुलर वॉयस इसे “आरएसएस-बीजेपी की तनातनी संस्कृति” का नतीजा करार दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “5000 साल पुरानी संस्कृति का ये हाल!” तो दूसरे ने कहा, “चुनावी वोट बैंक के लिए हिंदू धर्म को भी वुल्गर बना दिया गया।”
स्थानीय पुलिस ने अभी तक इस वीडियो पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन सोशल मीडिया पर मांग उठ रही है कि आयोजकों और डीजे वाले के खिलाफ कार्रवाई हो। विशेषज्ञों का कहना है कि चुनावी साल में ऐसे वीडियो न सिर्फ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं, बल्कि युवा पीढ़ी पर गलत प्रभाव डालते हैं। रामनवमी जुलूस में डीजे, अश्लील गाने और हथियारबंदी पहले से ही विवादास्पद रहे हैं।
यह घटना बंगाल की सियासी हकीकत को उजागर करती है — जहां रामनवमी अब सिर्फ भक्ति नहीं, बल्कि 2026 चुनाव की “सांस्कृतिक जंग” का हिस्सा बन गई है। वीडियो वायरल होने के बाद हिंदू संगठनों ने “जुलूस में मर्यादा” बनाए रखने की अपील की है, जबकि विपक्ष इसे “बीजेपी की संस्कृति” बता रहा है।

