बांग्लादेश में अगस्त 2024 में हुए बड़े सत्ता परिवर्तन के बाद, हाल ही में 12 फरवरी 2026 को आम चुनाव संपन्न हुए हैं। यह चुनाव शेख हसीना के 15 साल के शासन के अंत के बाद देश की नई लोकतांत्रिक दिशा तय करने वाला रहा।
नीचे इस पूरे घटनाक्रम और वर्तमान चुनावी नतीजों का विस्तार से विवरण दिया गया है:
1. शेख हसीना का कार्यकाल और सत्ता परिवर्तन
शेख हसीना बांग्लादेश की सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाली प्रधानमंत्री रहीं। उनके कार्यकाल का इतिहास इस प्रकार है:
- पहला कार्यकाल: 1996 से 2001 तक।
- दूसरा और निरंतर कार्यकाल: 2009 से अगस्त 2024 तक (वे लगातार चार बार चुनाव जीतकर सत्ता में रहीं)।
- सत्ता परिवर्तन की वजह: जुलाई 2024 में सरकारी नौकरियों में आरक्षण (कोटा सिस्टम) के खिलाफ छात्रों का विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ। यह आंदोलन देखते ही देखते एक जन-विद्रोह में बदल गया, जिसके परिणामस्वरूप 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना ने इस्तीफा दे दिया और उन्हें देश छोड़कर भारत में शरण लेनी पड़ी।
- अंतरिम सरकार: हसीना के जाने के बाद, नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में एक अंतरिम सरकार का गठन हुआ, जिसने देश में सुधारों और फिर से चुनाव कराने की जिम्मेदारी संभाली।
2. फरवरी 2026 के चुनाव परिणाम
12 फरवरी 2026 को हुए चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने भारी बहुमत से जीत दर्ज की है। शेख हसीना की पार्टी, आवामी लीग (AL) को इन चुनावों में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया था।
सीटों का विवरण (कुल 300 संसदीय सीटें):
| पार्टी / गठबंधन | जीती गई सीटें (लगभग) | मुख्य नेता |
|---|---|---|
| बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) | 209 – 212 | तारिक रहमान |
| जमात-ए-इस्लामी (और सहयोगी) | 77 | शफीकुर रहमान |
| अन्य और स्वतंत्र | 11 | – |
| कुल सीटें | 300 | – |
नोट: आधिकारिक गणना के अनुसार BNP को दो-तिहाई बहुमत मिला है।
3. मुख्य बिंदु
- नया नेतृत्व: BNP के अध्यक्ष तारिक रहमान अब बांग्लादेश के अगले प्रधानमंत्री बनने की दौड़ में सबसे आगे हैं।
- मतदान प्रतिशत: इस बार लगभग 59.4% मतदान हुआ, जो 2024 के विवादित चुनावों (41.8%) की तुलना में काफी अधिक है।
- संवैधानिक जनमत संग्रह: चुनावों के साथ-साथ एक जनमत संग्रह (Referendum) भी कराया गया, जिसमें जनता ने संविधान में बड़े बदलावों और ‘जुलाई चार्टर’ के सुधारों का समर्थन किया।
- आवामी लीग की स्थिति: शेख हसीना की पार्टी के अधिकांश नेता या तो देश से बाहर हैं या जेल में हैं। हसीना को उनकी अनुपस्थिति में कुछ मामलों में सजा भी सुनाई जा चुकी है।
बांग्लादेश अब एक नए राजनीतिक युग में प्रवेश कर रहा है जहाँ विपक्षी दलों की वापसी हुई है।
Noida Breaking: नोएडा में कार के अंदर मिली युवक युवती की लाश, जानिए पुलिस ने क्या की कार्रवाई

