Gold and silver prices hit a historic low: कमोडिटी मार्केट में भारी उथल-पुथल देखने को मिली है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की कीमतों में एक दिन में करीब 27% की भारी गिरावट दर्ज की गई, जो इतिहास की सबसे बड़ी इंट्राडे गिरावटों में से एक है। चांदी ₹4 लाख प्रति किलो के रिकॉर्ड हाई से फिसलकर ₹2.91 लाख से ₹3 लाख के स्तर पर आ गई। सोने की कीमतें भी रिकॉर्ड ऊंचाई से 10-11% नीचे आ गई हैं।
शुक्रवार को MCX पर सिल्वर मार्च फ्यूचर्स ₹1,07,968 गिरकर ₹2,91,925 प्रति किलो पर बंद हुए। पहले यह ₹3,99,893 के स्तर पर था। कुछ रिपोर्ट्स में गिरावट ₹1.10 लाख तक बताई गई है। सोने के फ्यूचर्स भी ₹1.78-1.80 लाख प्रति 10 ग्राम के हाई से गिरकर ₹1.69 लाख के आसपास पहुंच गए। वैश्विक बाजारों में भी COMEX पर चांदी 30-35% नीचे और सोना 8-11% गिरा।

गिरावट के मुख्य कारण:
• मुनाफावसूली: रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद निवेशकों ने बड़े पैमाने पर प्रॉफिट बुकिंग की, जिससे बिकवाली का भारी दबाव बन गया।
• डॉलर की मजबूती: अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की नई फेडरल रिजर्व चेयरमैन की घोषणा और आर्थिक नीतियों से डॉलर इंडेक्स मजबूत हुआ, जिससे सोना-चांदी पर दबाव पड़ा।
• वैश्विक प्रभाव: COMEX और अन्य अंतरराष्ट्रीय मार्केट में भी भारी बिकवाली हुई। विशेषज्ञों का कहना है कि यह 1980 के बाद की सबसे बड़ी सिंगल-डे गिरावट है।
क्या यह खरीदारी का सही समय है?
विशेषज्ञों की राय बंटी हुई है। कुछ का मानना है कि यह करेक्शन का दौर है और आगे उतार-चढ़ाव रह सकता है। 1 फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट 2026 में इंपोर्ट ड्यूटी में बदलाव की संभावना पर नजर है, जो घरेलू कीमतों को प्रभावित कर सकती है। निवेशकों को सावधानी बरतने और मार्केट की दिशा देखने की सलाह दी जा रही है।
निष्कर्ष:
सोने-चांदी की लंबी ‘बुल रन’ पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। यह करेक्शन निवेशकों के लिए नया अवसर हो सकता है, लेकिन जल्दबाजी से बचें। मार्केट में अभी अस्थिरता बनी रह सकती है।
यह एक विकासशील कहानी है और आगे अपडेट्स के साथ जानकारी दी जाएगी।

