प्रत्यक्षदर्शियों और पड़ोसियों ने बताया कि ‘धड़ाम-धड़ाम’ की तेज आवाजें सुनकर लोग जागे। नीचे पहुंचने पर तीनों बहनों के शव पड़े मिले। मौके पर ही तीनों की मौत हो गई। मां की चीखें और परिवार का रोना पूरे परिसर में गूंज रहा था।
कोरियन ‘लवर गेम’ की लत और सुसाइड नोट
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तीनों बहनें कोविड महामारी के दौरान एक ऑनलाइन टास्क-बेस्ड कोरियन गेम ‘कोरियन लवर गेम’ की आदी हो गई थीं। यह गेम शुरुआत में मजेदार टास्क देता है, लेकिन धीरे-धीरे खतरनाक चुनौतियां बढ़ाता जाता है, जिसमें अंतिम टास्क कथित तौर पर आत्महत्या का होता है—ब्लू व्हेल चैलेंज की तरह। बहनें कोरियन कल्चर, K-Pop, कोरियन ड्रामा और म्यूजिक की भी दीवानी थीं। उन्होंने खुद को कोरियन नाम दिए थे और डायरी में इसकी चर्चा की गई है।
घटना वाले कमरे से पुलिस को एक सुसाइड नोट और डायरी मिली। नोट में लिखा था, “सॉरी मम्मी-पापा… हम गेम नहीं छोड़ पा रहे। अब आपको एहसास होगा कि हम गेम से कितना प्यार करते थे।” साथ ही रोती हुई इमोजी और “ट्रू लाइफ स्टोरी” जैसी बातें लिखी गईं। पिता चेतन कुमार ने पुलिस को बताया कि उन्होंने बेटियों को गेम खेलने से मना किया था और डांट लगाई थी, जिसके बाद यह कदम उठाया गया।
परिवार का बैकग्राउंड: घर में कैद जैसी जिंदगी
परिवार किराए के फ्लैट में रहता था। पिता ऑनलाइन फॉरेक्स ट्रेडिंग का काम करते हैं। कुल पांच बच्चे हैं। पड़ोसियों के अनुसार, परिवार बहुत सामाजिक नहीं था। बहनें बाहर पार्क में कभी खेलते नहीं दिखीं। कोविड के बाद से वे स्कूल नहीं जा रही थीं—बड़ी बहन सिर्फ चौथी क्लास तक पढ़ी थी। आर्थिक तंगी का हवाला देकर माता-पिता ने उन्हें घर पर ही रखा था, हालांकि वे कभी-कभी कोचिंग जाती थीं। एक पड़ोसिन ने बताया कि कन्या पूजन के लिए बहनें उनके घर आई थीं—बहुत प्यारी और शांत थीं, लेकिन खुद को घर में कैद सा रखती थीं, जो एक चेतावनी संकेत था। तीनों बहनें हर काम साथ करती थीं—नहाना, खाना, सोना सब एक साथ।
पुलिस जांच और अपडेट
पुलिस ने तीनों के मोबाइल फोन जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिए हैं। चैट हिस्ट्री, ऐप यूज और ऑनलाइन कॉन्टैक्ट्स की पड़ताल की जा रही है। मिडल सिस्टर प्राची को गेम में “लीडर” माना जा रहा था, जो टास्क असाइन करती थी। पुलिस अधिकारी अतुल कुमार सिंह ने कहा, “हम यह पता लगा रहे हैं कि किसने उन्हें गेम से जोड़ा और कोई रिमोटली टास्क दे रहा था या नहीं।” अभी तक किसी “किलर क्वीन” जैसी ID या यूट्यूब चैनल का पता नहीं चला। पोस्टमॉर्टम हो चुका है और सभी एंगल से जांच जारी है।
अभिभावकों को चेतावनी
इस घटना ने फिर से ऑनलाइन गेमिंग एडिक्शन के खतरे को उजागर किया है। पड़ोसी और स्थानीय लोग अभिभावकों से अपील कर रहे हैं कि बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल पर सख्त निगरानी रखें, स्क्रीन टाइम सीमित करें और निरंतर संवाद बनाए रखें। अभिनेता सोनू सूद सहित कई हस्तियों ने 16 साल से कम उम्र वालों के लिए ऐसे गेम्स पर बैन की मांग की है।
यह त्रासदी बच्चों की मेंटल हेल्थ और डिजिटल दुनिया के खतरों पर गंभीर सवाल उठाती है। पुलिस आगे की जांच में परिवार वालों से भी पूछताछ कर रही है।

