Exam Paper Leak: NEET और RO-ARO के बाद महाराष्ट्र में Drug Inspector परीक्षा का पेपर लीक, MPSC ने रद्द की भर्ती प्रक्रिया

नई दिल्ली/मुंबई: देश में प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2024 में पेपर लीक और अनियमितताओं के विवाद, उत्तर प्रदेश की RO-ARO परीक्षा 2024 के पेपर लीक के बाद अब महाराष्ट्र में Drug Inspector भर्ती परीक्षा 2026 में पेपर लीक का मामला सामने आया है। महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) ने जांच के बाद पूरी भर्ती प्रक्रिया रद्द करने का फैसला किया है। इस मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच के दौरान कई लोगों की गिरफ्तारी हुई है, जिनमें MPSC के अधिकारी भी शामिल बताए जा रहे हैं।

महाराष्ट्र में Drug Inspector परीक्षा का पेपर कैसे लीक हुआ?

महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग ने 22 मार्च 2026 को खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग में Drug Inspector यानी औषधि निरीक्षक के Group-B पदों के लिए स्क्रीनिंग परीक्षा आयोजित की थी। परीक्षा महाराष्ट्र के अलग-अलग केंद्रों पर हुई थी। परीक्षा के बाद कुछ अभ्यर्थियों ने पेपर पहले से उपलब्ध होने के आरोप लगाए।

शुरुआत में इन आरोपों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी। जुलाई में शिकायतें सामने आने के बाद मामले ने गंभीर रूप लिया। रिपोर्टों के मुताबिक, जांच में सामने आया कि परीक्षा से पहले प्रश्न बैंक से प्रश्नों को कथित तौर पर निकालकर अलग प्रश्नपत्र तैयार किया गया और उसे अनधिकृत लोगों तक पहुंचाया गया।

ब्रेकअप के बाद खुला पेपर लीक का राज

महाराष्ट्र के इस पेपर लीक मामले की कहानी इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इसकी एक अहम कड़ी कथित तौर पर एक प्रेम संबंध और उसके बाद हुए ब्रेकअप से सामने आई।

जांच एजेंसियों के मुताबिक, एक युवक ने कथित तौर पर अपनी प्रेमिका को परीक्षा में फायदा पहुंचाने के लिए लीक हुआ प्रश्नपत्र हासिल किया था। बाद में दोनों के बीच विवाद और ब्रेकअप हुआ और युवक की शिकायत के बाद जांच एजेंसियों को इस पूरे नेटवर्क के बारे में अहम जानकारी मिली।

जांच में कथित तौर पर WhatsApp बातचीत और पैसों के लेन-देन से जुड़े सबूत भी सामने आए हैं। कुछ रिपोर्टों में प्रश्नपत्र के बदले लाखों रुपये के लेन-देन का उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन सभी आरोपों का अंतिम सत्य जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

MPSC के अधिकारियों पर भी उठे सवाल

मामला केवल अभ्यर्थियों या निजी लोगों तक सीमित नहीं रहा। मुंबई क्राइम ब्रांच ने इस मामले में अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी है। गिरफ्तार लोगों में MPSC से जुड़े तीन अधिकारी भी शामिल बताए गए हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी के तौर पर उपसचिव स्तर के अधिकारी का नाम भी जांच में सामने आया है।

इस घटनाक्रम ने सबसे बड़ा सवाल परीक्षा कराने वाली संस्था की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खड़ा किया है। अगर जांच में आरोप साबित होते हैं तो यह केवल पेपर लीक का मामला नहीं रहेगा, बल्कि परीक्षा प्रणाली के भीतर मौजूद संभावित मिलीभगत का गंभीर मामला माना जाएगा।

MPSC ने पूरी भर्ती प्रक्रिया रद्द की

शिकायतों और प्रारंभिक जांच के बाद महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग ने Drug Inspector भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने का निर्णय लिया है। रिपोर्टों के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया में आगे बढ़ चुके अभ्यर्थियों और चयन प्रक्रिया पर भी इसका असर पड़ेगा। आयोग ने दोबारा परीक्षा कराने की बात कही है।

इस फैसले का सीधा असर उन हजारों अभ्यर्थियों पर पड़ा है जिन्होंने महीनों तक तैयारी करने के बाद परीक्षा दी थी। अब उन्हें दोबारा परीक्षा की तैयारी करनी होगी।

NEET-UG 2024: देश की सबसे बड़ी परीक्षा पर लगा था पेपर लीक का आरोप

पेपर लीक का सबसे बड़ा मामला NEET-UG 2024 से जुड़ा था। 5 मई 2024 को देशभर में मेडिकल प्रवेश के लिए NEET-UG परीक्षा आयोजित हुई थी, जिसमें 23 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए थे। परीक्षा के बाद बिहार समेत कई जगहों से पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के आरोप सामने आए। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और CBI ने भी जांच की।

सुप्रीम कोर्ट ने 23 जुलाई 2024 को अपने फैसले में माना कि पेपर लीक हुआ था और कुछ अभ्यर्थियों को इसका लाभ मिला, लेकिन उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर इसे पूरे देश में परीक्षा की शुचिता को प्रभावित करने वाला व्यापक स्तर का लीक नहीं माना गया। इसलिए पूरी परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने का आदेश नहीं दिया गया।

NEET विवाद ने देश में प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा, प्रश्नपत्र की गोपनीयता और परीक्षा एजेंसियों की जवाबदेही को लेकर बड़ा सवाल खड़ा किया था।

UP RO-ARO परीक्षा में भी सामने आया था पेपर लीक का मामला

उत्तर प्रदेश में RO-ARO यानी समीक्षा अधिकारी और सहायक समीक्षा अधिकारी प्रारंभिक परीक्षा 2024 भी पेपर लीक विवाद की चपेट में आई थी। परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों ने पेपर लीक होने का आरोप लगाते हुए बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया था।

आरोपों और बढ़ते दबाव के बीच उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया था। इस मामले की जांच भी हुई और पेपर लीक की आशंका ने यूपी की प्रतियोगी परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए थे।

हर पेपर लीक के बाद अभ्यर्थी ही क्यों भुगतते हैं खामियाजा?

इन घटनाओं में एक समान तस्वीर सामने आती है। परीक्षा के लिए युवा कई महीनों या वर्षों तक तैयारी करते हैं। कोचिंग, किताबों, ऑनलाइन क्लास और रहने-खाने पर पैसा खर्च करते हैं। परीक्षा के दिन पूरी मेहनत के साथ पेपर देते हैं, लेकिन अगर प्रश्नपत्र पहले ही कुछ लोगों तक पहुंच जाता है तो पूरी मेहनत पर पानी फिर जाता है।

इसके बाद जांच होती है, परीक्षा रद्द होती है और दोबारा परीक्षा की तारीख आती है। यानी गलती अगर परीक्षा व्यवस्था में हुई तो उसकी कीमत अक्सर अभ्यर्थियों को अपना समय और पैसा गंवाकर चुकानी पड़ती है।

परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल

NEET, RO-ARO और अब महाराष्ट्र Drug Inspector परीक्षा के मामलों ने यह सवाल फिर खड़ा कर दिया है कि आखिर देश की महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र की गोपनीयता कितनी सुरक्षित है? सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि अगर किसी परीक्षा के प्रश्नपत्र तक परीक्षा से पहले बाहरी व्यक्ति पहुंच सकता है तो उस पूरी प्रक्रिया में शामिल सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत है। महाराष्ट्र मामले में MPSC से जुड़े अधिकारियों के नाम जांच में सामने आने के बाद यह सवाल और गंभीर हो गया है।

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