न्यायालयों में विचाराधीन वादों की करें प्रभावी पैरवी: वत्स

जीडीए में लंबित मामलों के निस्तारण के लिए होगा नवीनतम तकनीक का उपयोग
ghaziabad news  गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अतुल वत्स प्राधिकरण से जुड़े विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन वादों की समीक्षा कर रहे है। वर्तमान में विभिन्न न्यायालयों में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के विरुद्ध लगभग 3070 वाद लंबित हैं।
उपाध्यक्ष लम्बित वादों के निस्तारण एवं मानिटरिंग के लिए नवीनतम तकनीक का प्रयोग कर रहे हैं। उन्होंने विधि अनुभाग को निर्देशित किया है कि वाद से जुड़े समस्त पत्रावलियों को आईएएसपी सॉफ्टवेयर पर अपलोड किया जाए। विधि अनुभाग ने उच्च न्यायालय, सर्वोच्च न्यायालय, सिविल न्यायालय, जिला/राज्य/राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग, एस.सी.एस.टी., मानवाधिकार, अल्पसंख्यक आयोग, आयुक्त न्यायालय, एस.डी.एम. न्यायालय आदि में विचाराधीन लगभग 2750 से अधिक पत्रावलियों को सॉफ्टवेयर पर अपलोड कराया जा चुका है। उक्त कार्यों को त्वरित गति प्रदान करने के लिए विधि अनुभाग में पृथक से कंप्यूटर सिस्टम, स्कैनर एवं आॅपरेटर की व्यवस्था की गई है।
जीडीए उपाध्यक्ष ने समीक्षा बैठक में समस्त अनुभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन वादों की प्रभावी पैरवी करें। साथ ही, अनुभागीय अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वह स्वयं अपने स्तर से पत्रावलियों का अध्ययन करें एवं अधिवक्ताओं से नियत तिथि से पूर्व विचार-विमर्श करें।

ghaziabad news

यहां से शेयर करें