Drug smuggling: बिहार में नशीली दवाओं की तस्करी पर लगाम लगाने के लिए उत्पाद विभाग को बड़ी सफलता मिली है। नवादा जिले के रजौली समेकित चेक पोस्ट पर शुक्रवार देर रात चलाए गए वाहन जांच अभियान के दौरान झारखंड की ओर से आ रहे दो संदिग्ध कंटेनर ट्रकों से प्रतिबंधित कोडीन फॉस्फेट युक्त कफ सिरप की विशाल खेप बरामद की गई।
उत्पाद विभाग की टीम ने गहन तलाशी के दौरान दोनों ट्रकों से कुल 220 कार्टन कफ सिरप जब्त किए, जिनमें 30,800 बोतलें थीं। प्रत्येक बोतल 100 एमएल की है और इसकी अंकित कीमत ₹164 बताई जा रही है। बरामद खेप का कुल बाजार मूल्य 50 लाख रुपये से अधिक आंका गया है। अधिकारियों के अनुसार, यह सिरप नशे के लिए तस्करी की जा रही थी।
कार्रवाई का नेतृत्व कर रहे उत्पाद विभाग के सब-इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार ने बताया कि पहले एक ट्रक से 100 कार्टन और फिर दूसरे ट्रक से 120 कार्टन बरामद हुए। ट्रकों को सीज कर लिया गया है, जबकि चालक मौके से फरार हो गए। मामले की गहन जांच चल रही है और तस्करी के नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है।
बिहार में शराबबंदी के बाद कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी बढ़ी है, जो मुख्य रूप से नशे के लिए इस्तेमाल की जाती है। हाल के महीनों में राज्य के विभिन्न जिलों में ऐसी कई खेपें पकड़ी गई हैं, लेकिन नवादा की यह कार्रवाई अब तक की सबसे बड़ी जब्ती में से एक है।
अधिकारियों का कहना है कि यह सिरप संभवतः अंतरराज्यीय तस्करी का हिस्सा था और आगे की सप्लाई के लिए ले जाया जा रहा था। जांच से जुड़े सूत्रों ने बताया कि तस्करी का रूट झारखंड से बिहार होते हुए अन्य राज्यों या सीमावर्ती क्षेत्रों तक हो सकता है।

