धुरंधर द रिवेंज: रणवीर सिंह अभिनीत आदित्य धर निर्देशित एक्शन थ्रिलर धुरंधर: द रिवेंज (Dhurandhar: The Revenge) ने 19 मार्च 2026 को रिलीज होते ही सिनेमाघरों में तूफान मचा दिया है। पहले भाग धुरंधर की सफलता के बाद इस सीक्वल को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह था, और रिलीज के चार दिनों में फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई की है। ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, वर्ल्डवाइड कलेक्शन अब लगभग ₹691 करोड़ के करीब पहुंच चुका है, और यह 700 करोड़ क्लब में एंट्री करने से बस कदम भर दूर है। ओपनिंग वीकेंड में ही फिल्म ने घरेलू बाजार में ₹146 करोड़ से ज्यादा की कमाई की, जबकि पेड प्रीव्यूज से भी बड़ा बिजनेस हुआ।
फिल्म की कहानी कराची अंडरवर्ल्ड में रहमान डकैत की मौत के बाद सत्ता की जंग पर केंद्रित है, जहां जसप्रीत सिंह (रणवीर सिंह) एक आम इंसान से ‘किलिंग मशीन’ बनकर बदले की आग में जलता है। दर्शकों और सोशल मीडिया पर रिव्यू काफी मिले-जुले हैं। कई लोगों ने इसे मास्टरपीस करार दिया है, खासकर रणवीर सिंह की एनर्जी, ट्रांसफॉर्मेशन और परफॉर्मेंस को उनकी करियर की बेस्ट में से एक बताया जा रहा है। सहायक कलाकारों जैसे अर्जुन रामपाल, संजय दत्त, आर. माधवन और सारा अर्जुन ने भी अपने रोल्स में शानदार न्याय किया है। निर्देशक आदित्य धर ने एक्शन और कहानी के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है, और फिल्म का रॉ तथा हिंसक एक्शन मास ऑडियंस को खूब भा रहा है। बैकग्राउंड स्कोर और संगीत को भी काफी प्रभावशाली माना जा रहा है, जो स्क्रीन पर गहरा असर छोड़ता है।
हालांकि, कुछ दर्शकों और क्रिटिक्स की शिकायत है कि फिल्म की लंबाई (3 घंटे 49 मिनट) बहुत ज्यादा है, जिससे बीच-बीच में गति धीमी हो जाती है। कुछ यूजर्स ने इसे ओवरहाइप्ड बताया है, जबकि अन्य इसे पहले भाग से कहीं बेहतर और ज्यादा इंटेंस मान रहे हैं। सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी हुई है – एक तरफ जहां प्रशंसक इसे “रिवेंज डन वेल” और “एज-ऑफ-सीट थ्रिलर” कह रहे हैं, वहीं कुछ इसे प्रोपगैंडा एंगल या राजनीतिक नजरिए से देखते हुए सवाल उठा रहे हैं।
कुल मिलाकर, धुरंधर: द रिवेंज ने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रचा है, बल्कि दर्शकों को बांट भी दिया है – मास्टरपीस या सिर्फ हाई-वोल्टेज एक्शन पैकेज? यह बहस अभी जारी रहेगी, लेकिन फिल्म का क्रेज और कमाई बता रही है कि यह 2026 की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर बन चुकी है। अगर आपने अभी तक नहीं देखी, तो थिएटर जाकर खुद अनुभव कीजिए – क्योंकि बात हो रही है “बदले की आग” की! 

