Demand for Advocate Protection Act: ईरान से व्यापार करने वाले देशों पर 25% शुल्क, भारत पर ‘न्यूनतम प्रभाव’

Demand for Advocate Protection Act: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले किसी भी देश को बड़ा झटका देते हुए अमेरिका के साथ उनके व्यापार पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा की है। यह कदम “तत्काल प्रभाव” से लागू बताया गया है, जिसका मकसद ईरान पर दबाव बढ़ाना है। हालांकि, भारतीय सरकार और विशेषज्ञों का मानना है कि भारत पर इसका बहुत कम प्रभाव पड़ेगा, क्योंकि ईरान के साथ द्विपक्षीय व्यापार बेहद सीमित है।

ट्रंप ने सोमवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया: “तत्काल प्रभाव से, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ व्यापार करने वाला कोई भी देश अमेरिका के साथ अपने सभी व्यापार पर 25% टैरिफ देगा।” यह घोषणा ईरान में चल रहे प्रदर्शनों और सरकार की कार्रवाई के बीच आई है।

भारत पर प्रभाव: न्यूनतम, व्यापार मात्र 0.15%
• सरकार सूत्रों के अनुसार, भारत-ईरान व्यापार पिछले साल करीब $1.6 बिलियन का था, जो भारत के कुल व्यापार का सिर्फ 0.15% है। ईरान भारत के टॉप 50 व्यापारिक साझेदारों में भी नहीं है।
• 2019 के बाद भारत ने ईरान से तेल आयात लगभग बंद कर दिया है। मुख्य निर्यात चावल और कुछ अन्य सामान हैं, लेकिन वॉल्यूम कम है।
• पहले से भारत पर कुछ सेक्टर्स में ऊंचे टैरिफ (जैसे रूसी तेल के लिए 50%) लगे हैं, लेकिन यह नया 25% अतिरिक्त शुल्क भारत को ज्यादा प्रभावित नहीं करेगा, क्योंकि ईरान से व्यापार न्यूनतम स्तर पर है।

वैश्विक प्रभाव: चीन सबसे ज्यादा प्रभावित
• ईरान का 90% से ज्यादा तेल निर्यात चीन जाता है। चीन ने इसकी निंदा की और जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है।
• अन्य प्रभावित देश: यूएई, तुर्की, ब्राजील आदि।
• अभी तक कोई आधिकारिक दस्तावेज या व्हाइट हाउस डॉक्यूमेंट नहीं जारी हुआ है, सिर्फ ट्रंप का पोस्ट आधार है। कार्यान्वयन पर स्पष्टता नहीं।

विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती बाजार अस्थिरता हो सकती है, लेकिन लंबे समय में भारत पर प्रभाव नगण्य रहेगा। निर्यातक सतर्क हैं, लेकिन कुल मिलाकर स्थिति नियंत्रण में है। आगे की स्पष्टता आने वाले हफ्तों में आएगी।

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