New Delhi news दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा और सी-डॉट के सीईओ राज कुमार उपाध्याय ने कहा कि साझेदारी दिल्ली में तकनीक आधारित, सुरक्षित और प्रभावी पुलिसिंग व्यवस्था विकसित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
दिल्ली पुलिस आयुक्त ने शुक्रवार को तकनीक आधारित पुलिसिंग को और सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए टेलीमैटिक्स विकास केंद्र (सी-डीओटी) के साथ एक एमओयू पर हस्ताक्षर करते हुए उक्त विचार व्यक्त किए।
उन्होंने बताया कि इस पहल से न केवल पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि आम जनता की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि इस सहयोग के तहत सी-डॉट द्वारा विकसित अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग दिल्ली पुलिस की विभिन्न इकाइयों में किया जाएगा। इनमें फेसियल रिकग्निशन सिस्टम के जरिए संदिग्धों और लापता व्यक्तियों की पहचान आसान होगी, जबकि संवाद प्लेटफॉर्म सुरक्षित मैसेजिंग, आॅडियो-वीडियो कॉल और डेटा शेयरिंग में मदद करेगा।संवाद प्राइम संवेदनशील सूचनाओं के सुरक्षित आदान-प्रदान के लिए उपयोग में लाया जाएगा। इसके अलावा सी-डॉट मिलो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ब्रीफिंग और प्रशिक्षण को सरल बनाएगा, वहीं मिशन क्रिटिकल सर्विसेज (एमसीएक्स) बड़े आयोजनों और आपात स्थितियों में रियल-टाइम समन्वय को मजबूत करेगा। इंटेलिजेंट अटेंडेंस सिस्टम से उपस्थिति और सुरक्षा नियंत्रण बेहतर होगा, जबकि सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम के माध्यम से आम जनता तक अलर्ट और जरूरी सूचनाएं तेजी से पहुंचाई जा सकेंगी। त्रिनेत्र सिक्योरिटी आॅपरेशंस सेंटर पुलिस के आईटी नेटवर्क को साइबर खतरों से सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाएगा।
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दिल्ली पुलिस ने तकनीक आधारित पुलिसिंग और डेटा प्रबंधन में एक बार फिर देशभर में रही अव्वल
New Delhi news दिल्ली पुलिस ने तकनीक आधारित पुलिसिंग और डेटा प्रबंधन में एक बार फिर देशभर में स्थान प्राप्त किया है।
दिल्ली पुलिस ने अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर 2025 में लगातार 100 फीसदी अंक हासिल करने के बाद जनवरी 2026 में भी शीर्ष स्थान बनाए रखा था। फरवरी 2026 में भी पहला स्थान प्राप्त कर डिजिटल पुलिसिंग में अपनी निरंतर उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया है। यह उपलब्धि गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो के मॉनिटर किए जाने वाले प्रगति डैशबोर्ड पर आधारित है, जिसमें डेटा की गुणवत्ता, समयबद्धता और सटीकता जैसे मानकों पर मूल्यांकन किया जाता है।
डैशबोर्ड में 15 प्रमुख बिंदुओं पर प्रदर्शन का आकलन किया जाता है, जिनमें पुलिस स्टेशनों की सीसीटीएनएस कनेक्टिविटी, डिजास्टर रिकवरी सेंटर की स्थापना, प्राथमिकी का ई-प्रेषण, डेटा सिंक्रोनाइजेशन, नागरिक सेवाएं और आईसीजेएससे जुड़ी बैठकों का आयोजन शामिल हैं।
इस में क्राइम ब्रांच की सीसीटीएनएस टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। टीम ने डेटा गुणवत्ता की निगरानी, जिलों के साथ समन्वय, तकनीकी समस्याओं का समाधान और फील्ड यूनिट्स को नियमित मार्गदर्शन प्रदान किया।
दिल्ली के पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा ने क्राइम ब्रांच और सभी जिलों की टीम को बधाई दी। उन्होंने अधिकारियों की पेशेवर कार्यशैली, समर्पण और टीमवर्क की सराहना करते हुए भविष्य में भी तकनीक आधारित और नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग को और अधिक मजबूत करें।
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