कमल पालम कॉलोनी में अपने परिवार के पास जा रहा था। रात करीब 11:50 बजे उसने अपने जुड़वां भाई करण और दोस्त को फोन करके कहा था, “10-15 मिनट में घर पहुंच रहा हूं।” इसके बाद उसका फोन नहीं लगा। परिवार ने रात भर थानों के चक्कर लगाए और खुद सर्च किया, लेकिन सुबह करीब 8 बजे जोगिंदर सिंह मार्ग पर बने करीब 15-20 फीट गहरे गड्ढे में उसकी लाश और बाइक मिली। कमल हेलमेट और राइडिंग गियर पहने हुए था, लेकिन गड्ढा पूरी तरह खुला था—न बैरिकेडिंग, न चेतावनी बोर्ड, न पर्याप्त लाइटिंग और न ही सुरक्षा गार्ड।
प्रारंभिक मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, पेट पर चोट लगने से आंतरिक रक्तस्राव हुआ, जिससे मौत हुई। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने फोन लोकेशन ट्रेस करने में देरी की और रात भर मदद नहीं की।
मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, एक परिवार ने कमल को गड्ढे में गिरते हुए देखा और तुरंत सिक्योरिटी गार्ड व ठेकेदार के कर्मचारी को सूचना दी। कर्मचारी ने सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति को फोन किया, जो रात में मौके पर पहुंचा और गड्ढे में बाइक व कमल को देखा, लेकिन कोई रेस्क्यू एक्शन नहीं लिया। परिवार का कहना है कि समय पर कार्रवाई होती तो कमल को बचाया जा सकता था।
सरकारी एक्शन:
• दिल्ली पुलिस ने डीजेबी अधिकारियों, मुख्य ठेकेदार और सब-कॉन्ट्रैक्टर के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है। सब-कॉन्ट्रैक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया है। दिल्ली सरकार ने डीजेबी के तीन इंजीनियरों/अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है।मामला लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी का है।
यह हादसा नोएडा में कुछ हफ्ते पहले एक टेकी की इसी तरह की मौत के बाद हुआ है, जिससे सरकारी एजेंसियों की लापरवाही पर फिर सवाल उठ रहे हैं। परिवार ने न्याय की मांग की है और जांच की गुहार लगाई है।
यह मामला अभी विकसित हो रहा है। पुलिस गहन जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज कर रही है। फिलहाल इससे आगे कोई नई अपडेट नहीं आई है।

