साइबर पुलिस ने निवेश के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के पांच सदस्य पकड़े

New Delhi news  दिल्ली की साइबर पुलिस ने निवेश धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए करीबन 5 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है, पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 6 मोबाइल फोन और 35 बैंक खातों का विवरण बरामद किया है। पुलिस ने दावा किया कि गिरोह लोगों को मोटे मुनाफे का लालच देकर लाखों रुपये की ठगी कर रहे थे। साउथ-वेस्ट जिले के पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि बताया कि 4 सितंबर 2025 को एक शिकायत एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज की गई थी। हालाकि शिकायतकर्ता अरुणाचल प्रदेश का निवासी है। फिलहाल शिकायतकर्ता दिल्ली में रह रहा था, उसे नेक्स्ट बिलियन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड नाम की एक फर्जी कंपनी के जरिए शेयर मार्केट में निवेश का झांसा दिया गया।
आरोप है कि परिणीति जैन नाम की महिला और उसके साथियों ने अलग-अलग मोबाइल नंबरों से संपर्क कर उसे भारी मुनाफे का लालच दिया था। इस झांसे में आकर पीड़ित ने करीब 12 लाख 22 हजार 670 रुपये निवेश कर दिए, लेकिन बाद में पता चला कि पूरी कंपनी फर्जी थी, जिन्होंने उसके साथ ठग की है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना पुलिस की एक विशेष टीम का गठन किया गया था। साथ ही टेक्निकल सर्विलांस, मनी ट्रेल और डिजिटल विश्लेषण के जरिए पुलिस ने आरोपियों की लोकेशन महाराष्ट्र में ट्रेस की गई थी, जिसके बाद महाराष्ट्र के श्रीरामपुर में छापा मारकर मुख्य आरोपी श्रीधर दिलीप इंगले को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ था, जिसके आधार पर बाकी 4 आरोपियों अर्चिर्यान कांबले, अजीज शेख, प्रणव गुलदगड़ और विशाल बछाल को भी पकड़ लिया। जांच में सामने आया कि यह पूरा गिरोह म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराने का काम करता था। ये गिरोह अलग-अलग लोगों के बैंक खाते हासिल कर उन्हें साइबर ठगों को कमीशन पर उपलब्ध कराते थे। इन खातों के जरिए ठगी की रकम इधर-उधर ट्रांसफर की जाती थी, ताकि पुलिस की पकड़ से बचा जा सके,
इस नेटवर्क का एक सदस्य दुबई में बैठा चैतन्य भी बताया जा रहा है, जो इस पूरे रैकेट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चला रहा था।

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