मूक बधिर महिलाओं का स्टाल बना आकर्षण का केंद्र
FICCI FLO Fair: लखनऊ । फिक्की फ्लो लखनऊ चैप्टर द्वारा गांधी जयंती के उपलक्ष्य पर खादी ग्राम उद्योग भवन, डाली बाग में आयोजित कारीगर मेला 2025 का आज अंतिम दिन था। आज मेले में खरीददारों की खूब भीड़ उमड़ी और उन्होंने त्यौहारों के इस मौसम में जमकर खरीददारी की।इस मेले में देश एवं प्रदेश की विविध शिल्प परंपराओं का प्रदर्शन किया गया। और यहाँ देश भर के कारीगर अपनी कृतियों को प्रदर्शित और विक्रय करने के लिए एक साथ आए।
FICCI FLO Fair:
डेफ वूमेन वेलफ़ेयर फाउंडेशन द्वारा लगाया गया स्टाल सभी के लिए आकर्षण का केंद्र था जो कि मूक बधिर महिलाओं द्वारा संचालित था फाउंडेशन की महासचिव मिनी गोपाल ने बताया कि स्टाल पर सभी उत्पाद हस्तनिर्मित और मूक बधिर महिलाओं द्वारा बनाए गए है। वहीं देवाशीष लघु उद्योग की कंचन मेहरोत्रा ने बताया कि वह मानसिक रूप से मंदित अपने बेटे के साथ इस लघु उद्योग को संचालित करती हैं इस लघु उद्योग में कैंडिल, दिए और घर की सजावट की वस्तुएं बनाने और विक्रय करने में बेटा देवाशीष भी मदद करता है।
मूल रूप से बिहार की रहने वाली स्वाति ठाकुर मिथिला पेंटिंग बनाती है उन्होंने अपनी इस कला में कई प्रयोग भी किये हैं जैसे हरसिंगार के फूलों के रंग से हस्तनिर्मित पेपर पर पेन्टिंग करना, इनकी रामायण की थीम पर आधारित पेंटिंग काफी प्रसिद्व है। लखनऊ के राजाजीपुरम में हुनरजादी क्रिएशन चलाने वाली आफिया चांदी के हस्तनिर्मित जूते और चप्पल बनाती हैं जिनकी कीमत 21000 से लेकर 50000 तक है।
आगंतुकों ने अमेठी के मूंज उत्पाद, कन्नौज की सुगंध, मधुबनी कला, उत्सव के उपहार, आभूषण, क्रोशिया, हड्डी की नक्काशी, कांच के बने पदार्थ और जीवनशैली उत्पादों को खूब सराहा।
कार्यक्रम के अंतिम दिन फिक्की फ्लो की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पूजा गर्ग ने कहा कि हस्तनिर्मित, टिकाऊ और प्रामाणिक उत्पाद आधुनिक जीवनशैली को प्रेरित करते हैं। हमारे देश व प्रदेश में हस्त निर्मित स्वदेशी उत्पाद विशेष कर बुनकर अपनी कलाओं का इस तरह के आयोजन में प्रदर्शित करते हैं जहां उन्हें बाज़ार और प्रोत्साहन दोनों मिलता है।
कारीगर मेले के समापन पर बोलते हुए फिक्की फ्लो लखनऊ चैप्टर की चेयरपर्सन वंदिता अग्रवाल ने कहा कि हमने हस्तशिल्पियों, उद्यमियों और कारीगरों को एक मंच देने का प्रयास किया है मेले के सफल आयोजन और आगुंतकों की भीड़ को देखते हुए हमारी कोशिश होगी कि अगले वर्ष मेले के दिनों की बढ़ोतरी की जाए जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग इसमें आए और हस्त निर्मित उत्पाद बनाने वाले कारीगरों को प्रोत्साहन मिले।
इस अवसर पर फिक्की फ्लो की राष्ट्रीय टेक्सटाइल हेड स्वाति वर्मा,पूर्व चेयरपर्सन आरुषि टंडन, विभा अग्रवाल व फ्लो समिति की सदस्य सिमरन साहनी,देवांशी सेठ,स्मृति गर्ग, शमा गुप्ता ,भावना अनिमेष,प्रज्ञा अग्रवाल,अदिति जग्गी, रिया पंजाबी और वनिता यादव सहित फ्लो के 300 से अधिक सदस्य मौजूद थे।
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