बजट 2026-27: बुनियादी ढांचे और तकनीक पर जोर, निवेशकों और मिडिल क्लास को मिली-जुली राहत

बजट 2026-27: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। यह उनका लगातार नौवां बजट है। बजट का मुख्य फोकस तेज आर्थिक विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती, वित्तीय अनुशासन और दीर्घकालीन निवेश को बढ़ावा देने पर रहा। सरकार ने स्पष्ट किया कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में बना हुआ है और इसी गति को बनाए रखना बजट का प्रमुख उद्देश्य है। इस बजट में मिडल क्लास खुद के लिए अच्छा खबर तलाश रहा है। लेकिन उसके हाथ का कुछ नही लग सका।

इस बजट में कुल बजट आकार करीब 54 लाख करोड़ रुपये के आसपास रखा गया है। सरकार ने राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करते हुए इसे सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के लगभग 4.3 से 4.4 प्रतिशत तक सीमित रखने का लक्ष्य रखा है। विशेषज्ञों के अनुसार यह संकेत देता है कि सरकार विकास और वित्तीय अनुशासन के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है।

इंफ्रास्ट्रक्चर बजट 2026 का सबसे बड़ा केंद्र बिंदु रहा। सरकार ने पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) के लिए रिकॉर्ड 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया है। इस राशि का उपयोग सड़कों, रेलवे, बंदरगाहों, शहरी ढांचे, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक कॉरिडोर के विकास में किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और निजी निवेश को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

रेलवे और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के लिए भी कई अहम घोषणाएं की गईं। बजट में नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और राष्ट्रीय जलमार्गों के विस्तार की योजना शामिल है। इन कदमों का उद्देश्य माल ढुलाई की लागत को कम करना और देश की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना है।

  • पूंजीगत व्यय (Capex): सरकार ने बुनियादी ढांचे के विकास के लिए पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ कर दिया है।
  • नया आयकर अधिनियम 2025: 1 अप्रैल, 2026 से नया इनकम टैक्स कानून लागू होगा, जिसका उद्देश्य कर नियमों को सरल बनाना है।
  • रेलवे को सौगात: देश में 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा की गई है।
  • सेमीकंडक्टर मिशन 2.0: चिप निर्माण के लिए ₹40,000 करोड़ का आवंटन किया गया है।
  • स्वास्थ्य: कैंसर की 17 दवाओं पर कस्टम ड्यूटी खत्म कर दी गई है, जिससे इनका इलाज सस्ता होगा।

किसे हुआ फायदा? 

वर्ग/क्षेत्र मिलने वाले मुख्य लाभ
मरीज और स्वास्थ्य क्षेत्र कैंसर की 17 दवाएं और 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाएं सस्ती होंगी। ‘बायोफार्मा शक्ति’ योजना के तहत ₹10,000 करोड़ का निवेश होगा।
युवा और छात्र हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनेंगे। ‘ऑरेंज इकोनॉमी’ के तहत 15,000 स्कूलों में कंटेंट क्रिएटर लैब खुलेंगे।
किसान ‘भारत विस्तार’ (AI टूल) से खेती में मदद मिलेगी। दक्षिण भारत के किसानों के लिए ‘कोकोनट प्रमोशन स्कीम’ शुरू होगी।
MSME और उद्योग विनिर्माण क्षेत्र के लिए टैक्स में छूट और लॉजिस्टिक्स सुधारों से व्यापार करना आसान होगा।
विदेशी यात्री विदेश यात्रा के पैकेज पर TCS (Tax Collected at Source) को 5% से घटाकर 2% कर दिया गया है।

किसे हुआ नुकसान? 

वर्ग/क्षेत्र नुकसान या चुनौतियों के कारण
शेयर बाजार निवेशक फ्यूचर्स (Futures) पर STT 0.02% से बढ़ाकर 0.05% और ऑप्शंस (Options) पर 0.1% से बढ़ाकर 0.15% कर दिया गया है।
मध्यम वर्ग (Taxpayers) इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे महंगाई के दौर में अधिक राहत की उम्मीद कर रहे करदाताओं को निराशा हाथ लगी।
शेयर बायबैक का लाभ अब शेयर बायबैक से होने वाली आय को ‘कैपिटल गेन’ माना जाएगा, जिससे शेयरधारकों पर टैक्स का बोझ बढ़ेगा।
कीमती धातुएं बजट के बाद सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव की संभावना है, जिससे आभूषण कारोबारियों और निवेशकों पर असर पड़ेगा।

विशेष पहल: ‘ऑरेंज इकोनॉमी’ और ‘बायोफार्मा’

सरकार ने इस बार पारंपरिक क्षेत्रों से हटकर AVGC (Animation, Visual Effects, Gaming, Comics) और कंटेंट क्रिएशन को बढ़ावा देने के लिए ‘ऑरेंज इकोनॉमी’ पर ध्यान केंद्रित किया है। साथ ही, दुर्लभ खनिजों (Rare Earth Minerals) के लिए विशेष कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव दिया है ताकि रक्षा और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ सके।

विशेष नोट: आयकर दाताओं के लिए राहत की बात यह है कि अब संशोधित रिटर्न (Revised ITR) दाखिल करने की समय सीमा 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है।

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