Noida Breaking News: नोएडा प्राधिकरण के अधिग्रहित एवं अधिसूचित क्षेत्र में अवैध निर्माण का मामला लगातार बढ़ता जा रहा है। शहर से सटे गांवों में नियमों को ताक पर रखकर बड़े पैमाने पर फ्लैट, मकान और अवैध कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं। सलारपुर, भंगेल, हाजीपुर, गढ़ी चैखंडी, बासई, हैबतपुर और इलाहाबास जैसे गांवों में कृषि भूमि और प्राधिकरण की जमीन पर बिना अनुमति बहुमंजिला निर्माण किए जा रहे हैं, जिससे नियोजन व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ती जा रही है। हालांकि अब प्राधिकरण कानूनी कार्रवाई तेज करता दिख रहा है। थाना फेज-3 और थाना फेज-2 में प्राधिकरण की और से एफआईआर कराई गई है।
प्राधिकरण के अफसरों का दावा
प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार, गांवों की आड़ में जमीन को अवैध रूप से प्लॉट कर फ्लैट बेचे जा रहे हैं। कई स्थानों पर न तो नक्शा पास कराया गया है और न ही किसी तरह की वैधानिक स्वीकृति ली गई है। अवैध कॉलोनाइजर और भू-माफिया भोले-भाले लोगों को सस्ते फ्लैट का लालच देकर निर्माण बेच रहे हैं, जबकि ऐसी संपत्तियां कभी भी ध्वस्तीकरण की जद में आ सकती हैं।
अवैध निर्माण पर शिकंजा कसते हुए नोएडा प्राधिकरण ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। कई गांवों में अवैध निर्माण कराने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है, वहीं पुलिस बल के साथ मिलकर प्राधिकरण की टीम ने बुलडोजर चलाकर दर्जनों अवैध मकानों और ढांचों को ध्वस्त किया है। अधिकारियों का कहना है कि चेतावनी के बावजूद निर्माण जारी रखने वालों पर और भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं
प्राधिकरण ने साफ किया है कि अधिसूचित क्षेत्र में किसी भी तरह का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे गांवों या बाहरी इलाकों में फ्लैट, मकान या प्लॉट खरीदने से पहले उसकी वैधता की पूरी जांच करें। बिना अनुमति बने निर्माणों में निवेश करने वालों को भविष्य में भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
बुलडोजर व कानूनी कार्रवाई दोनों करने की तैयारी
नोएडा प्राधिकरण का कहना है कि अवैध निर्माण के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर बुलडोजर व कानूनी कार्रवाई दोनों की जाएगी।
इन लोगों को खिलाफ हुई रिपोर्ट
दरअसल, अब फेज-2 और फेज-3 थाने में प्राधिकरण के इंजीनियरों की तरफ से 5 एफआईआर करवाकर 17 लोगों के खिलाफ अवैध निर्माण व अतिक्रमण करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच शुरू कर दी गई है। ये जमीनें बसीउद्दीनपुर, इलाहाबांस, गढ़ी चैखंडी व अन्य जगहों पर है। प्राधिकरण के अवर अभियंता मोहित भाटी ने बताया है कि बसई और गढ़ी चैखंडी में प्राधिकरण की अर्जित जमीन है। जमीन पर बिना अनुमति लिए सौरभ राणा, नितिन राणा व ब्रिकलैंड डवलपर्स प्रबंधन द्वारा अवैध निर्माण किया हुआ है। वरिष्ठ प्रबंधक पारसनाथ सोनकर ने दी गई शिकायत में बताया है कि बसई गांव में अशोक कुमार, ओमवीर यादव, विजय नागर व भूपेंद्र गुप्ता द्वारा अवैध कब्जा किया है। वहीं, अवर अभियंता मुकेश कुमार ने बताया है कि गढ़ी गांव में, प्रदीप कुमार, रामराज, अजय तिवारी, अवध सिंह, नवीन, विशाल मिश्रा, उदयवीर चैहान, राकेश यादव ने अवैध निर्माण किया है। फेज-2 थाने में दी गई शिकायत में जेई विजेंद्र सिंह ने बताया है कि इलाहाबांस गांव में और निम्मी विहार में प्राधिकरण की अधिसूचित व अर्जित जमीन है। आरोप है कि जमीन पर गांव के राम अवतार सिंह व दानिश अली ने अवैध कब्जा किया हुआ है। नोटिस के बाद भी जमीन को कब्जामुक्त नहीं किया गया।
एडीसीपी सेंट्रल नोएडा संतोष मिश्रा का बयान
एडीसीपी सेंट्रल नोएडा संतोष मिश्रा ने बताया कि प्राधिकरण से मिली शिकायतों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई हैं और जांच शुरू कर दी गई है।

