निवासियों का कहना है कि BLO द्वारा फॉर्म (जैसे मतदाता सूची पुनरीक्षण के लिए) घर पर न पहुंचने से कई परिवारों के सदस्यों का नाम लिस्ट से गायब होने का खतरा है। एक स्थानीय निवासी ने बताया, “हमारी सोसाइटी में 20 हजार से अधिक लोग रहते हैं, लेकिन BLO एक जगह बैठी रहती हैं। हम कामकाजी हैं, हर कोई ऑफिस से लौटकर उनके पास नहीं जा सकता। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पा रहा।” यह शिकायत ग्रेटर नोएडा वेस्ट की गौर सिटी 14वीं एवेन्यू जैसी बड़ी सोसाइटियों से जुड़ी है, जहां पहले से ही मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण लोग जूझ रहे हैं।
हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है। एक पोस्ट में उपयोगकर्ता ने लिखा, “BLO खुद घर-घर नहीं जा रही। वार्ड मेंबर के ऑफिस में बैठकर स्टॉफ से काम करवा रही हैं। फॉर्म प्री-फिल्ड भी नहीं हैं, और पावती का कोई हिसाब नहीं।” इसी तरह, ग्रेटर नोएडा की एक अन्य सोसाइटी से जुड़े निवासियों ने बताया कि BLO की अनुपस्थिति से वोटर आईडी अपडेट और अन्य दस्तावेजीकरण का काम ठप पड़ा है।
एक वीडियो पोस्ट में दिखाया गया कि कैसे सोसाइटी के निवासी बिल्डरों की लापरवाही के साथ-साथ सरकारी अधिकारियों की उदासीनता से त्रस्त हैं।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में हाउसिंग सोसाइटियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। यहां 4,800 से अधिक फ्लैट वाली सोसाइटियां हैं, जहां 20 हजार से ज्यादा परिवार रहते हैं। लेकिन सुविधाओं की कमी के साथ अब सरकारी सेवाओं की पहुंच भी कम हो रही है। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने हाल ही में अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाया, लेकिन BLO जैसी बुनियादी सेवाओं पर ध्यान कम ही दिया जा रहा है। निवासियों ने मांग की है कि BLO को घर-घर सर्वे करने का सख्त निर्देश दिया जाए, वरना स्थानीय विधायक और प्रशासन से शिकायत करेंगे।
इस मामले पर नोएडा अथॉरिटी और मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
लेकिन स्थानीय विधायक पंकज सिंह ने हाल ही में सोसाइटियों का दौरा कर समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को निर्देश दिए। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए BLO कार्य को सुगम बनाया जा सकता है, लेकिन फिलहाल जमीनी स्तर पर सुधार जरूरी है। निवासी आशा कर रहे हैं कि जल्द ही इस लापरवाही पर लगाम लगेगी, ताकि ‘सपनों का शहर’ वाकई सपनों जैसा बने।

