आवारा कुत्ते का खूनी हमला: ग्रेटर नोएडा की दनकौर कोतवाली क्षेत्र की अजनारा पनोरमा सोसाइटी में शुक्रवार की सुबह एक आवारा कुत्ते ने रक्षा मंत्रालय के पूर्व अधिकारी पर हमला कर दिया। इस हमले में उनके शरीर पर 13 जगह गहरे जख्म हुए।
कौन हैं पीड़ित?
पीड़ित की पहचान डॉ. दीर्घ नारायण के रूप में हुई है। वह 1977 बैच के सिविल सेवा अधिकारी रहे हैं और करीब 27 साल तक रक्षा मंत्रालय में अलग-अलग अहम पदों पर सेवा दे चुके हैं। करीब दो महीने पहले ही वे अपनी पत्नी के साथ दनकौर स्थित अजनारा पनोरमा सोसाइटी में रहने आए थे।
कैसे हुआ हमला?
वह अपनी पत्नी के साथ सोसाइटी परिसर में सुबह टहल रहे थे। इसी दौरान अचानक एक आवारा कुत्ता उन पर झपट पड़ा और लगातार काटता रहा। उन्होंने बचने की कोशिश की, लेकिन कुत्ता लगातार काटता रहा। जब उनकी पत्नी ने शोर मचाया तब आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह कुत्ते को भगाया। इसके बाद घायल हालत में उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार, उनकी हालत फिलहाल स्थिर है लेकिन शरीर पर 13 जगह गहरी जख्म होने के कारण निगरानी की जरूरत है।
सोसाइटी में हड़कंप, यमुना प्राधिकरण पर आरोप
डॉ. दीर्घ नारायण के अनुसार, सोसाइटी में करीब 50 परिवार रहते हैं और यहाँ लंबे समय से आवारा कुत्तों की समस्या बनी हुई है। इसको लेकर कई बार यमुना प्राधिकरण से शिकायत भी की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि लगातार खतरा बढ़ता जा रहा है। निवासियों का आरोप है कि यमुना प्राधिकरण से कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया। लोगों का कहना है कि आवारा कुत्तों को पकड़ने और उन्हें शेल्टर होम भेजने की प्रक्रिया प्रभावी तरीके से लागू नहीं हो रही है। सोसाइटी के लोगों ने मांग की है कि इन आवारा कुत्तों को सोसाइटी से हटाकर शेल्टर होम भेजा जाए।
ग्रेटर नोएडा में डॉग अटैक की बढ़ती घटनाएं
यह कोई अकेली घटना नहीं है। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर बीटा-2 में एक आवारा कुत्ते के हमले का शिकार हुई एक बुजुर्ग महिला की इलाज के दौरान हार्ट अटैक से मौत हो चुकी है। मृतका के बेटे ने इस मामले में स्थानीय प्राधिकरण पर लापरवाही का आरोप लगाया है। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर बीटा-1 में भी लगातार आवारा कुत्तों के हमले हो रहे हैं, जहाँ RWA महासचिव ने कहा कि इस समस्या को लेकर कई बार ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सूचित किया जा चुका है। उन्होंने माँग की है कि क्षेत्र में जल्द से जल्द आवारा कुत्तों का टीकाकरण और नसबंदी अभियान चलाया जाए।
सुप्रीम कोर्ट भी उठा चुका है सवाल
सुप्रीम कोर्ट आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों के मामले में सख्त टिप्पणियाँ कर चुका है और सार्वजनिक सुरक्षा, राज्य सरकारों की उदासीनता तथा डॉग लवर्स संगठनों की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अब सवाल यह है कि पूर्व रक्षा अधिकारी जैसी हस्ती के साथ ऐसी घटना होने के बाद भी यमुना प्राधिकरण और प्रशासन कब तक कागजी खानापूर्ति में लगे रहेंगे और कब तक ग्रेटर नोएडा के निवासी अपने ही घर के बाहर असुरक्षित महसूस करते रहेंगे?
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