Bangladesh General Election 2026: मतदान जोरों पर, लंबी कतारें, बीएनपी की जीत तय मान रहे तारिक रहमान; कुछ जगहों पर बम विस्फोट और धांधली के आरोप

Bangladesh General Election 2026: बांग्लादेश में आज 13वीं संसदीय चुनाव के लिए मतदान चल रहा है। यह चुनाव अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के पतन और छात्र आंदोलन के बाद पहला राष्ट्रीय चुनाव है। साथ ही, जुलाई चार्टर (84-सूत्री सुधार पैकेज) पर जनमत संग्रह भी हो रहा है, जो संविधान में बड़े बदलावों का रास्ता खोलेगा। करीब 12.7 करोड़ मतदाता 299 संसदीय सीटों (एक सीट पर उम्मीदवार की मौत के कारण मतदान रद्द) के लिए वोट डाल रहे हैं। मतदान सुबह 7:30 बजे शुरू हुआ और शाम 4:30 बजे तक चलेगा।

मजबूत मतदाता उत्साह, लंबी कतारें
देशभर के मतदान केंद्रों पर सुबह से ही भारी भीड़ देखी गई। ढाका और अन्य शहरों में मतदाताओं की लंबी कतारें लगीं। कई मतदाताओं ने कहा कि 17-18 साल बाद स्वतंत्र रूप से वोट डालने का मौका मिला है और माहौल शांतिपूर्ण है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं—लगभग 9 लाख सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। पहली बार करीब 8 लाख प्रवासी बांग्लादेशी भी आईटी-आधारित पोस्टल बैलट से वोट डाल रहे हैं।

प्रमुख नेता मतदान कर चुके
तारिक रहमान (बीएनपी अध्यक्ष): खालेदा जिया के बेटे और 17 साल के निर्वासन के बाद लौटे तारिक रहमान ने ढाका में अपन वोट डाला। उन्होंने कहा, “लोगों के स्वतःस्फूर्त भागीदारी से बीएनपी की जीत तय है, इंशाअल्लाह। हम कानून-व्यवस्था बहाल करेंगे, रोजगार सृजन करेंगे और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बढ़ाएंगे।”
मुहम्मद यूनुस (अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार): इन्होंने ने भी ढाका में वोट डाला।
सेना प्रमुख जनरल वाकर-उज-जमान: ढाका के एडमजी कैंटोनमेंट कॉलेज केंद्र में वोट डाला और कहा कि वे डेढ़ साल से इस दिन का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने लोगों से निडर होकर वोट डालने की अपील की। जमात-ए-इस्लामी प्रमुख शफीकुर रहमान भी मतदान कर चुके हैं।

मुख्य मुकाबला और राजनीतिक परिदृश्य
बीएनपी और उसके पूर्व सहयोगी जमात-ए-इस्लामी गठबंधन मुख्य दावेदार हैं। तारिक रहमान को व्यापक रूप से आगे माना जा रहा है। शेख हसीना की अवामी लीग पर प्रतिबंध लगा होने से वह चुनाव से बाहर है। अवामी लीग ने चुनाव को “नाटक” और “शाम चुनाव” करार दिया है। हसीना के बेटे सजीब वाजेद ने मतदान बहिष्कार की अपील की और धांधली के गंभीर आरोप लगाए, जिनमें “रात का मतदान” और पहले से स्टांप किए गए बैलट शामिल हैं।

कुछ जगहों पर अशांति और आरोप
गोपालगंज में एक मतदान केंद्र पर कॉकटेल बम फटा, जिसमें एक बच्चा घायल हुआ। बुधवार को भी उसी जिले में कई केंद्रों पर क्रूड बम फटे थे। झिनाइदह जिले में 23 खाली रिजल्ट शीट्स पहले से हस्ताक्षरित मिलने के आरोप लगे, जिसके बाद प्रिजाइडिंग ऑफिसर को हटा दिया गया। मतदान से एक दिन पहले मौलवीबाजार में एक 28 वर्षीय हिंदू चाय बागान मजदूर की लाश मिली, जिस पर गहरे घाव थे।

जनमत संग्रह का महत्व
मतदाता जुलाई चार्टर पर भी वोट डाल रहे हैं, जिसमें संवैधानिक सुधार, द्विसदनीय संसद, प्रधानमंत्री के कार्यकाल की सीमा और राष्ट्रपति के अधिकार बढ़ाने जैसे प्रस्ताव हैं। बहुमत मिलने पर संवैधानिक सुधार परिषद गठित होगी जो 180 कार्य दिवसों में सुधार पूरा करेगी। मतदान अभी जारी है और अब तक बड़े पैमाने पर कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है। परिणाम आने पर बांग्लादेश की नई राजनीतिक दिशा स्पष्ट होगी, जो भारत-बांग्लादेश संबंधों, आर्थिक स्थिरता और क्षेत्रीय भू-राजनीति पर भी असर डालेगी।

यहां से शेयर करें