आशुतोष ब्रह्मचारी गाजियाबाद से प्रयागराज जा रहे थे, जहां वे कोर्ट में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ सबूत पेश करने वाले थे। उनकी शिकायत के अनुसार, वे फर्स्ट एसी कोच में सफर कर रहे थे। टॉयलेट जाने के दौरान एक अज्ञात व्यक्ति (करीब 30 वर्षीय) ने उन पर धारदार हथियार (उस्तरा या रेजर) से हमला किया। हमलावर ने नाक काटने की कोशिश की और चेहरे, हाथों व अन्य जगहों पर कई वार किए। आशुतोष किसी तरह टॉयलेट में घुसकर दरवाजा बंद कर 20 मिनट तक छिपे रहे और जान बचाई।
ट्रेन प्रयागराज जंक्शन पहुंचने पर उन्होंने जीआरपी थाने में तहरीर दी गई, जिसमें हमले के पीछे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद सहित 5 लोगों पर साजिश रचने का आरोप लगाया है। जीआरपी ने अज्ञात हमलावर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी है। आशुतोष का काल्विन अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया, जहां एक्स-रे भी हुए। प्रारंभिक रिपोर्ट में धारदार हथियार से गंभीर चोट की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन चेहरे और नाक पर चोटें आई हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का बयान
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मीडिया से बातचीत में आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा, “ट्रेन अटेंडेंट के अनुसार बाथरूम में गए तब तक ठीक थे, बाहर निकलने पर यह हाल हो गया। बाहर किसने मारा, बताइए। यह बनावटी है, सुरक्षा पाने और माहौल बनाने के लिए।” उन्होंने रेलवे सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए कहा कि जीआरपी की मौजूदगी में हमला कैसे हुआ? केंद्र सरकार को जवाब देना होगा। साथ ही, उन्होंने किसी भी हिंसा का विरोध किया और हमलावर को दंडित करने तथा आशुतोष को जरूरत पड़ने पर एसपीजी सुरक्षा देने की मांग की। जांच में सच्चाई सामने आने की बात कही। यह मामला काफी विवादास्पद है क्योंकि आशुतोष ब्रह्मचारी पहले से ही स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ यौन शोषण के आरोप लगा चुके हैं। पुलिस जांच जारी है, अभी तक हमलावर की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

