पटना। मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने दुलारचंद यादव हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट के सरेंडर आदेश से पहले शुक्रवार को अपनी ताकत का प्रदर्शन कर दिया। पटना स्थित आवास से प्रयागराज के लिए निकले अनंत सिंह के काफिले में 100 से ज्यादा गाड़ियां शामिल थीं। रास्ते में आरा, बक्सर समेत कई जगहों पर समर्थकों ने भव्य स्वागत किया। बक्सर में उन्हें चांदी का मुकुट पहनाया गया, जबकि आरा में जेसीबी से फूलों की बारिश की गई। आरा पहुंचने पर जब उनसे हालचाल पूछा गया तो उन्होंने कहा- “खूब बढ़िया।”
अनंत सिंह ने बताया कि वे प्रयागराज में अपने पुराने मित्र पप्पू सलमान के घर शादी समारोह में शामिल होने जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं। बिहार ही नहीं, पूरे देश में मेरे समर्थक हैं।” काफिला आरा, बक्सर, मोहनिया और बनारस होते हुए रात करीब 9 बजे प्रयागराज पहुंचने वाला था। बिहार और उत्तर प्रदेश के कई स्थानों पर समर्थकों ने स्वागत कार्यक्रम आयोजित किए थे। इसे सरेंडर से पहले शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।
विधानसभा नोटिस और बेटी की शादी पर बयान
बिहार विधानसभा की ओर से सदस्यता समाप्त करने से जुड़े मामले में सात दिनों के अंदर जवाब मांगा गया है। इस पर अनंत सिंह ने कहा कि वे बेटी की शादी के बाद जवाब देंगे। “पहले अपना काम करूंगा, फिर जवाब दूंगा। इसमें कोई दिक्कत नहीं है।” उनकी छोटी बेटी शिवांगी की शादी 25 नवंबर को होनी है। उन्होंने कहा कि राजनीति अपनी जगह है, लेकिन बेटी की शादी में लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव समेत सभी लोगों को निमंत्रण देंगे। “सबको बुलाएंगे।”
तेजस्वी यादव के बाढ़ मुआवजे संबंधी बयान और जदयू की समीक्षा बैठक में नीतीश कुमार, निशांत कुमार व ललन सिंह की अनुपस्थिति पर सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि लौटकर बताएंगे। नेतागिरी के मुद्दों पर फिलहाल कुछ नहीं कहेंगे।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश और मामला
दुलारचंद यादव हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने अनंत सिंह को 4 दिसंबर तक या उससे पहले संबंधित जांच अधिकारी के सामने सरेंडर करने का आदेश दिया है। पटना हाईकोर्ट के 19 मार्च 2026 के जमानत आदेश को निलंबित कर दिया गया है। कोर्ट ने आरोपों की गंभीरता और आपराधिक मामलों की संख्या पर ध्यान न दिए जाने का उल्लेख किया था। जांच अधिकारी को चार महीने में जांच पूरी कर पूरक आरोपपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।
यह मामला 30 अक्टूबर 2025 को मोकामा में बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान हुई हिंसा से जुड़ा है। जन सुराज प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार कर रहे राजद नेता दुलारचंद यादव की उस दिन मौत हो गई थी। अनंत सिंह तब जदयू टिकट पर मोकामा से चुनाव लड़ रहे थे। घटना के बाद वे गिरफ्तार हुए, लेकिन जेल में रहते हुए भी सीट जीत गए। मार्च 2026 में हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद वे बाहर आए थे। अनंत सिंह का दावा है कि घटना के समय उनकी गाड़ी स्थल से करीब पांच किलोमीटर आगे निकल चुकी थी और उन्हें फंसाया जा रहा है। अनंत सिंह जदयू से निष्कासित भी हो चुके हैं। सरेंडर से पहले यह रोड शो उनके समर्थक आधार और क्षेत्रीय प्रभाव को रेखांकित करता है। प्रयागराज पहुंचने के बाद वे शादी समारोह में शामिल होंगे और फिर बेटी की शादी की तैयारियों में जुटेंगे।

