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Breaking News: रक्षाबंधन पर योगी सरकार की ‘फ्री बस’ का दावा फेल? सड़क पर घंटों खड़ी रहीं महिलाएं, बोलीं- किराया लेते लेकिन बस तो देते! – जय हिन्द जनाब Breaking News: रक्षाबंधन पर योगी सरकार की ‘फ्री बस’ का दावा फेल? सड़क पर घंटों खड़ी रहीं महिलाएं, बोलीं- किराया लेते लेकिन बस तो देते! – जय हिन्द जनाब

Breaking News: रक्षाबंधन पर योगी सरकार की ‘फ्री बस’ का दावा फेल? सड़क पर घंटों खड़ी रहीं महिलाएं, बोलीं- किराया लेते लेकिन बस तो देते!

नोएडा। रक्षाबंधन पर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की घोषणा खूब चर्चा में रही, लेकिन त्योहार के दिन कई जगहों पर जमीनी तस्वीर ने इस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में महिलाएं बसों के इंतजार में घंटों सड़क और बस अड्डों पर खड़ी दिखाई दीं। सोशल मीडिया पर महिलाओं के बनाए कई वीडियो सामने आने के बाद मुफ्त बस सेवा की तैयारियों और व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

फ्री बस का ऐलान, लेकिन बसों के लिए तरसती रहीं महिलाएं

रक्षाबंधन के दिन बड़ी संख्या में महिलाएं अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए घरों से निकलीं। सरकार की मुफ्त बस यात्रा की घोषणा के चलते महिलाओं को उम्मीद थी कि उन्हें आसानी से बस मिल जाएगी। लेकिन कई स्थानों पर यात्रियों की भीड़ के मुकाबले बसें कम दिखाई दीं।

बस अड्डों पर महिलाओं की भीड़ बढ़ती रही और बसों का इंतजार लंबा होता गया। कई महिलाएं बच्चों और सामान के साथ सड़क किनारे बस का इंतजार करती नजर आईं।

सवाल यह है कि जब सरकार को पहले से पता था कि रक्षाबंधन पर लाखों महिलाएं यात्रा करेंगी, तो क्या उसी हिसाब से बसों की पर्याप्त व्यवस्था की गई थी?

सोशल मीडिया पर फूटा महिलाओं का गुस्सा

बसों का इंतजार कर रही महिलाओं ने मौके से वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किए। इन वीडियो में महिलाएं व्यवस्था पर नाराजगी जाहिर करती नजर आईं।

कुछ महिलाओं ने तो यहां तक कहा कि अगर मुफ्त यात्रा की सुविधा देने के लिए पर्याप्त बसें नहीं थीं तो किराया ही ले लिया जाता, लेकिन कम से कम यात्रा की सुविधा तो उपलब्ध कराई जाती।

महिलाओं का कहना था कि मुफ्त बस सेवा का प्रचार तो दिखाई दे रहा है, लेकिन सड़क पर बसें दिखाई नहीं दे रहीं।

‘अच्छा होता किराया लेते, सुविधा तो देते’

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में महिलाओं की नाराजगी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई महिलाएं मुफ्त यात्रा की घोषणा पर ही सवाल उठाती दिखाई दीं।

उनका कहना था कि सरकार को मुफ्त यात्रा का प्रचार करने के बजाय त्योहार के दिन परिवहन व्यवस्था को मजबूत करना चाहिए था। महिलाओं के मुताबिक, मुफ्त का टिकट मिलने से ज्यादा जरूरी समय पर बस मिलना है।

यह नाराजगी सिर्फ एक जगह तक सीमित नजर नहीं आई। नोएडा-गाजियाबाद से लेकर मेरठ और आसपास के क्षेत्रों में भी बसों की भीड़ और इंतजार को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठाए गए।

क्या सिर्फ प्रचार से मिलेगी सुविधा?

रक्षाबंधन पर महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा उपलब्ध कराने की घोषणा निश्चित तौर पर महिलाओं के लिए राहत देने वाली पहल है। लेकिन सवाल व्यवस्था के क्रियान्वयन को लेकर है।

सरकार ने मुफ्त यात्रा का ऐलान किया, लेकिन अगर लाभार्थी महिलाएं ही बस के इंतजार में घंटों सड़क पर खड़ी रहें तो इस योजना की सफलता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

त्योहार की तारीख पहले से तय थी। यात्रियों की संख्या बढ़ने का अनुमान भी लगाया जा सकता था। ऐसे में अतिरिक्त बसों, अतिरिक्त फेरे और बस अड्डों पर भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था पहले से मजबूत की जानी चाहिए थी।

नोएडा-गाजियाबाद-मेरठ में दिखी भीड़, व्यवस्था पर सवाल

एनसीआर के नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ जैसे प्रमुख शहरों से रक्षाबंधन पर बड़ी संख्या में लोग अपने गांव और दूसरे शहरों की ओर जाते हैं। महिलाओं की संख्या भी काफी अधिक रहती है।

ऐसे में बसों की उपलब्धता कम पड़ने पर यात्रियों की परेशानी बढ़ना स्वाभाविक है। रक्षाबंधन के दिन सामने आए वीडियो अब सरकार और परिवहन विभाग की तैयारियों पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

हालांकि सोशल मीडिया पर वायरल सभी वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना बाकी है, लेकिन इन वीडियो ने मुफ्त बस सेवा की जमीनी तैयारियों को लेकर बहस जरूर छेड़ दी है।

महिलाओं का सीधा सवाल- मुफ्त नहीं, पहले बस तो दो!

रक्षाबंधन पर सामने आई तस्वीरों ने सरकार के सामने एक सीधा सवाल खड़ा कर दिया है—क्या किसी योजना की सफलता सिर्फ उसके ऐलान और प्रचार से तय होगी या फिर लोगों को वास्तव में सुविधा भी मिलेगी?

महिलाओं की नाराजगी का सबसे बड़ा कारण यही बताया जा रहा है कि उन्हें मुफ्त यात्रा की सुविधा का इंतजार नहीं था, बल्कि समय पर बस मिलने की उम्मीद थी।

अब सोशल मीडिया पर महिलाओं के वीडियो तेजी से चर्चा में हैं और लोग सवाल पूछ रहे हैं कि अगर सरकार ने मुफ्त बस सेवा की तैयारी पहले से की थी तो फिर त्योहार के दिन कई जगहों पर महिलाएं बसों के लिए क्यों परेशान होती रहीं?

बड़ा सवाल

फ्री बस सेवा का ऐलान तो हो गया, लेकिन क्या सरकार और परिवहन विभाग यात्रियों की भीड़ का सही अनुमान लगाने में चूक गए?

रक्षाबंधन जैसे बड़े त्योहार पर महिलाओं को सुविधा देने के लिए सिर्फ घोषणा काफी नहीं है। बसें सड़क पर हों, समय पर पहुंचें और यात्रियों को सुरक्षित तरीके से उनके गंतव्य तक पहुंचाएं—तभी मुफ्त यात्रा का असली फायदा माना जाएगा।

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