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PM Modi's blunt statement in Parliament: NEET पेपर लीक "घोर पाप", दोबारा नहीं दोहराई जाए यह भूल, मानसून सत्र के बीच पीएम मोदी की सख्त चेतावनी, 13 गिरफ्तार PM Modi's blunt statement in Parliament: NEET पेपर लीक "घोर पाप", दोबारा नहीं दोहराई जाए यह भूल, मानसून सत्र के बीच पीएम मोदी की सख्त चेतावनी, 13 गिरफ्तार

PM Modi’s blunt statement in Parliament: NEET पेपर लीक “घोर पाप”, दोबारा नहीं दोहराई जाए यह भूल, मानसून सत्र के बीच पीएम मोदी की सख्त चेतावनी, 13 गिरफ्तार

PM Modi’s blunt statement in Parliament: नई दिल्ली, संसद के मानसून सत्र के दौरान परीक्षा पेपर लीक का मुद्दा एक बड़े राजनीतिक तूफान का रूप ले चुका है। मंगलवार को हुई एनडीए संसदीय दल की ‘मंगल मिलन’ बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NEET पेपर लीक प्रकरण को कड़े शब्दों में “घोर पाप” करार दिया और साफ कहा कि देश के युवाओं के भविष्य से जुड़ा ऐसा अपराध दोबारा नहीं होने दिया जाएगा। बैठक के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने प्रधानमंत्री के हवाले से बताया कि जैसे ही पेपर लीक की खबरें सामने आईं, सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। पीएम मोदी ने परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह चाकचौबंद और भरोसेमंद बनाने को “राष्ट्रीय जिम्मेदारी” बताते हुए सभी राजनीतिक दलों और राज्य सरकारों से इस दिशा में सहयोग की अपील की।

विपक्ष से भी साथ आने की अपील

रिजिजू के अनुसार, प्रधानमंत्री ने एनडीए के सहयोगी दलों से चल रहे सत्र में सरकार के विधायी एजेंडे का पूरा समर्थन करने का आग्रह किया। साथ ही विपक्षी दलों से भी संसदीय कार्यवाही में सकारात्मक भूमिका निभाने की अपील की। पीएम मोदी ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन हर सांसद की यह साझा जिम्मेदारी है कि वह देश के भविष्य और युवाओं के हितों की रक्षा के लिए काम करे।

एक दिन पहले ही हुआ था लाठीचार्ज, दिल्ली पुलिस पर आरोप

पीएम मोदी का यह बयान ऐसे समय आया है जब एक दिन पहले ही सोमवार को हजारों छात्रों और प्रदर्शनकारियों को संसद की ओर मार्च करने से रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया था। यह प्रदर्शन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेतृत्व में हुआ, जो केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है। पार्टी का आरोप है कि NEET समेत कई प्रतियोगी परीक्षाओं में गंभीर अनियमितताएं बरती गई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पटेल चौक पर बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। पुलिस की सख्ती में 100 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए और करीब 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। इस दौरान संसद इलाके में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी निलंबित की गई थीं। विपक्षी नेताओं ने पुलिस कार्रवाई को अत्यधिक बल प्रयोग बताते हुए आलोचना की है। CJP संस्थापक अभिजीत डिपके को भी हिरासत में लिए जाने का दावा पार्टी प्रवक्ता सौरव दास ने किया। वहीं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक, जो प्रदर्शनकारियों के समर्थन में भूख हड़ताल पर हैं, फिलहाल सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने कहा है कि जब तक युवा नेताओं को सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं मिलती, वे अपना अनशन जारी रखेंगे।

क्या है पूरा NEET विवाद

NEET भारत की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में से एक है, जिसमें हर साल 20 लाख से ज़्यादा मेडिकल छात्र शामिल होते हैं। इस साल मई में पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी और बाद में दोबारा परीक्षा आयोजित की गई। इसके अलावा छात्रों ने CBSE परीक्षाओं के ऑनलाइन मूल्यांकन सिस्टम को लेकर भी शिकायतें दर्ज कराई हैं, जिनमें गलत अंक दिए जाने और नतीजे दूसरे अभ्यर्थियों के नाम चढ़ जाने जैसी गड़बड़ियां शामिल हैं। परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को लेकर उठे इन सवालों ने अब मानसून सत्र के दौरान एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा खड़ा कर दिया है, और विपक्ष लगातार सरकार से संसद में इस पर विस्तृत चर्चा कराने की मांग कर रहा है।

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