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'मेक इन इंडिया' की बड़ी उड़ान! फोर्स मोटर्स ने पुणे में बनाया मर्सिडीज-बेंज का 2 लाखवां इंजन, 5 दशक पुरानी साझेदारी का जश्न – जय हिन्द जनाब 'मेक इन इंडिया' की बड़ी उड़ान! फोर्स मोटर्स ने पुणे में बनाया मर्सिडीज-बेंज का 2 लाखवां इंजन, 5 दशक पुरानी साझेदारी का जश्न – जय हिन्द जनाब

‘मेक इन इंडिया’ की बड़ी उड़ान! फोर्स मोटर्स ने पुणे में बनाया मर्सिडीज-बेंज का 2 लाखवां इंजन, 5 दशक पुरानी साझेदारी का जश्न

पुणे। भारतीय ऑटोमोटिव उद्योग के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण है। फोर्स मोटर्स लिमिटेड ने पुणे के चाकण स्थित अपने अत्याधुनिक इंजन निर्माण संयंत्र से मर्सिडीज-बेंज के 2,00,000वें (2 लाखवें) इंजन के रोल-आउट की घोषणा की है। यह उपलब्धि न केवल एक उत्पादन मील का पत्थर है, बल्कि दो देशों — भारत और जर्मनी — के बीच औद्योगिक साझेदारी की एक अनूठी सफलता की कहानी भी है।

पांच दशकों की मजबूत साझेदारी

फोर्स मोटर्स और मर्सिडीज-बेंज के बीच इंजन निर्माण का सफर वर्ष 1997 में शुरू हुआ था, जो आज एक व्यापक और गहरी साझेदारी में तब्दील हो चुका है। इसके तहत भारत में उत्पादित होने वाली मर्सिडीज-बेंज की सभी कारों और एसयूवी के लिए इंजन और एक्सल का निर्माण फोर्स मोटर्स के चाकण संयंत्र में किया जाता है। यह संयंत्र विशेष रूप से मर्सिडीज-बेंज के कड़े वैश्विक गुणवत्ता मानकों को पूरा करने के लिए ही स्थापित किया गया था।

2 लाखवां इंजन — GLS 450 में हुआ फिट

इस ऐतिहासिक अवसर पर रोल-आउट किया गया विशेष 6-सिलेंडर M256 इंजन मर्सिडीज-बेंज की प्रीमियम एसयूवी GLS 450 में लगाया गया है, जो इस उपलब्धि को और भी खास बनाता है।

दिग्गज अधिकारियों की मौजूदगी में मना जश्न

इस अवसर पर आयोजित समारोह में फोर्स मोटर्स के प्रबंध निदेशक प्रसन फिरोदिया के साथ मर्सिडीज-बेंज ग्रुप एजी के बोर्ड सदस्य डॉ. योर्ग बुर्जर (चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर), मैथियास गाइसेन (सेल्स एंड कस्टमर एक्सपीरियंस) और  माइकल शीबे (प्रोडक्शन, क्वॉलिटी एंड सप्लाई चेन मैनेजमेंट) जैसे वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मर्सिडीज-बेंज इंडिया के एमडी एवं सीईओ संतोष अय्यर और कार्यकारी निदेशक व्यंकटेश कुलकर्णी भी इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने।

फिरोदिया बोले — यह विश्वास और सटीकता की आधी सदी की दास्तां है

फोर्स मोटर्स के एमडी प्रसन फिरोदिया ने इस उपलब्धि पर कहा कि 2 लाखवां इंजन केवल एक उत्पादन रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि यह विश्वास, सटीकता और साझे उद्देश्य पर बनी आधी सदी लंबी साझेदारी की जीवंत कहानी है। उन्होंने कहा कि चाकण संयंत्र से रोल-आउट होने वाला हर इंजन इंजीनियरिंग उत्कृष्टता के प्रति अटूट समर्पण का प्रतीक है।

‘मेक इन इंडिया’ का गौरवशाली उदाहरण

फोर्स मोटर्स और मर्सिडीज-बेंज की यह साझेदारी भारत-जर्मन औद्योगिक सहयोग के सबसे सशक्त उदाहरणों में से एक मानी जाती है। ऐसे समय में जब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएं विश्वसनीयता और गुणवत्ता की तलाश में हैं, भारतीय धरती से जर्मन-स्तरीय इंजीनियरिंग का उत्पादन ‘मेक इन इंडिया’ के सपने को एक नई ऊंचाई पर ले जाता है।

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