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Delhi riots and Faizan's death case: फैजान की मौत मामले में CBI ने दाखिल की चार्जशीट, दो पुलिसकर्मियों पर गैर इरादतन हत्या का आरोप, 24 फरवरी को कोर्ट में पेशी – जय हिन्द जनाब Delhi riots and Faizan's death case: फैजान की मौत मामले में CBI ने दाखिल की चार्जशीट, दो पुलिसकर्मियों पर गैर इरादतन हत्या का आरोप, 24 फरवरी को कोर्ट में पेशी – जय हिन्द जनाब

Delhi riots and Faizan’s death case: फैजान की मौत मामले में CBI ने दाखिल की चार्जशीट, दो पुलिसकर्मियों पर गैर इरादतन हत्या का आरोप, 24 फरवरी को कोर्ट में पेशी

Delhi riots and Faizan’s death case: उत्तर-पूर्वी दिल्ली में फरवरी 2020 के सांप्रदायिक दंगों के दौरान पुलिस पिटाई से घायल हुए 23 वर्षीय युवक फैजान की मौत के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने छह साल बाद चार्जशीट दाखिल की है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने बुधवार को चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस के दो अधिकारियों को 24 फरवरी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए समन जारी कर दिया है।

CBI ने दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल रविंद्र कुमार और कांस्टेबल पवन यादव को आरोपी बनाया है। दोनों उस समय ज्योति नगर थाने में तैनात थे। इन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 325 (गंभीर चोट पहुंचाना), 304 पार्ट-2 (गैर इरादतन हत्या) और 34 (साझा इरादा) के तहत आरोप लगाए गए हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि मूल FIR में हत्या की धारा 302 लगाई गई थी, लेकिन CBI ने चार्जशीट में इसे हटा दिया और कम गंभीर धारा 304(2) लगाई है।

मामले की पृष्ठभूमि
फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें पुलिसकर्मी लाठी-डंडों से घायल मुस्लिम युवकों को पीटते और उनसे जबरन राष्ट्रगान तथा वंदे मातरम गवाते दिखाई दे रहे थे। इनमें फैजान भी शामिल था। फैजान को गंभीर चोटें आईं और उसे ज्योति नगर थाने में हिरासत में रखा गया। रिहा होने के कुछ घंटों बाद 26 फरवरी 2020 को उसकी मौत हो गई। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने उसे समय पर मेडिकल सहायता नहीं दी और गैरकानूनी हिरासत में रखा।

दिल्ली पुलिस की जांच में कोई ठोस नतीजा नहीं निकला था। फैजान की मां किस्मतुन की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने जुलाई 2024 में मामला CBI को सौंप दिया था। हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की जांच को “टालमटोल वाली” और “संवेदनशीलता की कमी” वाली करार दिया था। अगस्त 2024 में CBI ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज की थी।

अदालत का फैसला
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मयंक गोयल ने कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री से आरोपों की पुष्टि होती है। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को समन जारी कर 24 फरवरी को पेश होने का आदेश दिया।

फैजान की मां की वकील वृंदा ग्रोवर ने उठाए सवाल
मानवाधिकार कार्यकर्ता और फैजान की मां की वकील वृंदा ग्रोवर ने चार्जशीट पर गंभीर सवाल उठाए हैं:
• वायरल वीडियो में 5 या अधिक पुलिसकर्मी स्पष्ट दिख रहे हैं, लेकिन CBI ने सिर्फ दो को ही आरोपी क्यों बनाया गया?, ज्योति नगर थाने में फैजान को हिरासत में रखने वाले अन्य अधिकारियों और स्टाफ पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई?, हत्या की धारा 302 के बजाय कम सजा वाली धारा 304(2) क्यों लगाई गई?।

वृंदा ग्रोवर ने इसे “नफरत आधारित अपराध” करार देते हुए कहा कि 6 साल बाद भी पूर्ण न्याय नहीं मिला है। यह मामला 2020 दिल्ली दंगों में पुलिस की कथित भूमिका और संप्रदायिक हिंसा के दौरान मानवाधिकार उल्लंघन के सवालों को फिर से उजागर कर रहा है। दंगों में कुल 53 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें अधिकांश मुस्लिम थे।
यह एक विकासशील खबर है। आगे की सुनवाई और अपडेट आने पर जानकारी साझा की जाएगी।

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