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मॉरिज का तीखा प्रहार, अमेरिका फर्स्ट, अमेरिका ओनली – जय हिन्द जनाब मॉरिज का तीखा प्रहार, अमेरिका फर्स्ट, अमेरिका ओनली – जय हिन्द जनाब

मॉरिज का तीखा प्रहार, अमेरिका फर्स्ट, अमेरिका ओनली

H-1B Visa News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान ने उनकी ही पार्टी के कट्टर समर्थकों को नाराज कर दिया है। फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका में ‘कुछ खास प्रतिभाओं’ की कमी है, इसलिए एच-1बी वीजा प्रोग्राम के तहत कुशल विदेशी कामगारों को और लाना जरूरी है। उन्होंने तकनीक और रक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अमेरिकी नागरिकों की कमी का हवाला देते हुए कहा, “हमारे पास सभी प्रतिभाएं नहीं हैं, हमें विदेशों से मदद लेनी पड़ेगी।” इस बयान ने ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ (मैगा) समर्थकों को झकझोर दिया, जो इसे ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति के खिलाफ मान रहे हैं।

रिपब्लिकन कांग्रेसी मॉरिज टेलर ग्रीन ने ट्रंप के इस रुख पर सीधा हमला बोला है। एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट में ग्रीन ने आठ प्रमुख आपत्तियां दर्ज कीं और अमेरिकी कामगारों का बचाव किया। उन्होंने लिखा, “मैं अमेरिकी लोगों पर विश्वास करती हूं।

मैं आपमें से एक हूं। मैं मानती हूं कि आप अच्छे, प्रतिभाशाली, रचनात्मक, बुद्धिमान, मेहनती और सफल होना चाहते हैं।” ग्रीन ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “मैं विदेशी श्रमिकों से अमेरिकियों की जगह लेने के सख्त खिलाफ हूं, जैसे एच-1बी वीजा से।” उन्होंने विदेशी छात्रों को अमेरिकी कॉलेजों में दाखिला देने की नीति की भी आलोचना की, खासकर 6 लाख चीनी छात्रों का जिक्र करते हुए कहा, “ये कॉलेजों को आर्थिक रूप से समर्थन देने के लिए आते हैं। अगर फेल होते हैं, तो फेल हों। हमारा सिस्टम पहले ही हमारे युवाओं की मदद नहीं कर रहा।”

ग्रीन की आठ आपत्तियां इस प्रकार हैं:
1. अमेरिकी कामगारों की जगह विदेशी श्रमिक: एच-1बी वीजा से अमेरिकियों को नौकरियां गंवानी पड़ रही हैं।

2. विदेशी छात्रों का प्रवेश: चीनी छात्रों सहित विदेशी छात्र अमेरिकी शिक्षा प्रणाली को कमजोर कर रहे हैं।

3. विदेशी सहायता: अमेरिका को विदेशी देशों को एक पैसा भी नहीं देना चाहिए।

4. विदेशी युद्ध: अमेरिका को विदेशी संघर्षों में न पड़ना चाहिए।

5. आतंकवादी नेताओं का स्वागत: अमेरिका में ऐसे विदेशी नेताओं को नहीं बुलाना चाहिए जो निर्दोषों की हत्या करवाते हैं।

6. ओवल ऑफिस में विदेशी हस्तक्षेप: राष्ट्रपति कार्यालय को विदेशी प्रभाव से मुक्त रखना।

7. अमेरिका फर्स्ट नीति: कोई विदेशी हित अमेरिकी हितों से ऊपर नहीं।

8. केवल अमेरिकी प्रतिनिधित्व: कांग्रेसी के रूप में वे केवल अमेरिकियों का प्रतिनिधित्व करेंगी।

ग्रीन ने अपनी पोस्ट का समापन ‘अमेरिका फर्स्ट और अमेरिका ओनली’ के नारे से किया, जो मैगा आंदोलन का मूल मंत्र है।

उन्होंने कहा, “मैं अपने जिले और अमेरिकी लोगों का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुनी गई हूं, किसी अन्य देश का नहीं। मैं केवल अमेरिकियों की सेवा करती हूं। यही मेरा रास्ता है, और कोई अन्य रास्ता नहीं।”

ट्रंप का यह बयान सितंबर 2025 में जारी किए गए एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के बाद आया है, जिसमें एच-1बी वीजा के लिए 1 लाख डॉलर का आवेदन शुल्क लगाया गया था। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता टेलर रॉजर्स ने कहा कि यह कदम अमेरिकी कामगारों को सस्ते विदेशी श्रम से बचाने के लिए है। लेकिन आलोचकों का मानना है कि ट्रंप का नया रुख कॉर्पोरेट हितों को प्राथमिकता दे रहा है।

इस विवाद ने मैगा आंदोलन में दरारें पैदा कर दी हैं। अभिनेता केविन सॉर्बो ने एक्स पर लिखा, “यह घृणित बयान है। इससे रिपब्लिकन मिडटर्म चुनाव हार जाएंगे।” पॉडकास्टर बेनी जॉनसन ने चार्ली किर्क के पुराने पोस्ट को शेयर करते हुए एच-1बी को ‘स्कैम’ बताया। कंजर्वेटिव कमेंटेटर विल केन ने फॉक्स न्यूज पर कहा कि 70% एच-1बी वीजा भारत से जाते हैं, जबकि 80% जूनियर लेवल की नौकरियों के लिए हैं, जो अमेरिकी युवाओं को नुकसान पहुंचा रही हैं।

ट्रंप ने ग्रीन के हमले का जवाब देते हुए कहा, “मॉरिज एक अच्छी महिला हैं, लेकिन वे अपना रास्ता खो चुकी हैं। वे अब दूसरी तरफ के लोगों की कैटरिंग कर रही हैं।” यह टकराव ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में ही आंतरिक कलह को उजागर कर रहा है। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि एच-1बी प्रोग्राम अमेरिकी कंपनियों को प्रतिस्पर्धी बनाए रखता है और नौकरियां पैदा करता है, लेकिन मैगा समर्थक इसे ‘अमेरिकी प्रतिभा का अपमान’ मानते हैं।

यह विवाद अमेरिकी इमिग्रेशन नीति पर बहस को और तेज कर सकता है, खासकर जब ट्रंप सरकार अवैध इमिग्रेशन पर सख्ती बरत रही है। ग्रीन की यह बगावत उनकी ट्रंप-समर्थक छवि को चुनौती दे रही है, जो पहले स्वास्थ्य बीमा और सरकारी शटडाउन जैसे मुद्दों पर भी पार्टी से असहमति जता चुकी हैं।

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