Deprecated: File Theme without header.php is deprecated since version 3.0.0 with no alternative available. Please include a header.php template in your theme. in /home/u149331777/domains/jaihindjanab.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 6260
डीएम सर्किल रेट से गृहकर लागू नहीं होगा: महापौर डीएम सर्किल रेट से गृहकर लागू नहीं होगा: महापौर

डीएम सर्किल रेट से गृहकर लागू नहीं होगा: महापौर

Ghaziabad news :  नगर निगम द्वारा शहरवासियों पर डीएम सर्किल रेट से हाउस टैक्स लागू करने के लिए बुने गए ताना-बाना को लेकर पार्षदों,पूर्व पार्षद एवं शहर वासियों का विरोध जारी है। महापौर सुनीता दयाल ने भी अब स्पष्ट कहा कि डीएम सर्किल रेट से हाउस टैक्स लागू नहीं होने दिया जाएगा। महापौर ने जारी बयान में कहा कि नगर आयुक्त भी नगर निगम सदन व निगम एक्ट से ऊपर नहीं है। ऐसे में डीएम सर्किल रेट से हाउस टैक्स लागू नहीं होने देंगे। नगर आयुक्त या नगर निगम शहर की जनता पर अतिरिक्त भार नहीं डाल सकते हैं।
महापौर सुनीता दयाल ने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष तक हाउस टैक्स से छूटे भवनों पर टैक्स लगाने पर सिर्फ पिछले दो साल का ही हाउस टैक्स लगेगा। अन्यथा टैक्स लागू होने से अब तक देना पड़ेगा। महापौर का कहना है कि पिछले दिनों शासन द्वारा डीएम सर्किल रेट के आधार पर हाउस टैक्स में वृद्धि के लिए नगर निगम द्वारा आपत्तियों के लिए सर्किल रेट की सूची का प्रकाशन किया था। जिसमें डीएम सर्किल रेट पर हाउस टैक्स में वृद्धि की जानी है।
महापौर ने शहर की जनता के हित को ध्यान में रखते हुए हाउस टैक्स में वृद्धि नहीं करने के लिए नगर आयुक्त को निर्देश दिए है।
उन्होंने कहा कि पूर्व में ही हाउस टैक्स में 10 फीसदी की वृद्धि की गई है। इसके बाद प्रत्येक साल 5 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी। ऐसे में नियमानुसार अब हाउस टैक्स नहीं बढ़ाया जा सकता है। शहर वासियों पर अतिरिक्त भार डालने का कोई औचित्य नहीं है।
प्राथमिकता के आधार पर उठाएं जाएंगे संभव कदम
उन्होंने कहा कि नगर निगम के अधिकारियों से इसके लिए वार्ता जारी है। प्राथमिकता के आधार पर इसके लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा। महापौर ने शहरवासियों से अपील भी की है कि चालू वित्तीय वर्ष तक हाउस टैक्स से छूटे भवनों पर टैक्स लगाने पर सिर्फ पिछले दो साल तक का ही हाउस टैक्स लिया जाएगा। अन्यथा हाउस टैक्स लगने की दशा में अब तक का टैक्स देना पड़ेगा। इसकी जिम्मेदारी टैक्स दाताओं की स्वयं की होगी।

यहां से शेयर करें