Ajit Pawar’s unfortunate accident: मौत के बाद एनसीपी विलय की चर्चाओं पर ब्रेक? शरद पवार बोले- “प्रक्रिया अब बंद हो जाएगी”

Ajit Pawar’s unfortunate accident: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के संस्थापक शरद पवार ने पार्टी के दो गुटों के संभावित विलय पर चल रही चर्चाओं से खुद को अलग करते हुए कहा कि यह प्रक्रिया अब अनिश्चित हो गई है। हाल ही में अजित पवार की विमान दुर्घटना में मौत को “दुर्भाग्यपूर्ण हादसा” बताते हुए शरद पवार ने कहा कि पिछले चार महीनों से अजित पवार और जयंत पाटिल के बीच विलय को लेकर बातचीत चल रही थी, लेकिन अब यह प्रक्रिया रुक जाएगी।

शरद पवार ने मीडिया से बातचीत में कहा, “अजित पवार, जयंत पाटिल और शशिकांत शिंदे विलय की बातचीत में शामिल थे। लेकिन अब दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हो गया। लगता है कि प्रक्रिया अब बंद हो जाएगी।” उन्होंने स्पष्ट किया कि अजित पवार गुट के आंतरिक फैसलों, जैसे सुनेत्रा पवार को विधायक दल नेता चुने जाने या उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चा, से उनका कोई लेना-देना नहीं है।

सुनेत्रा पवार उपमुख्यमंत्री बनने की राह पर
अजित पवार की मौत के बाद उनके गुट में उत्तराधिकार की चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, सुनेत्रा पवार को आज एनसीपी विधायक दल का नेता चुना जा सकता है और वह महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बन सकती हैं। शपथ ग्रहण समारोह आज या कल होने की संभावना है। एनसीपी की विधायक दल की बैठक दोपहर में होने वाली है, जहां सुनेत्रा पवार को औपचारिक रूप से नेता चुना जाएगा।

शरद पवार ने सुनेत्रा पवार के उपमुख्यमंत्री बनने की खबरों पर कहा, “मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं है। यह एनसीपी का आंतरिक मामला है। शपथ ग्रहण के बारे में भी हमें सिर्फ खबरों से पता चला है। हम इसमें शामिल नहीं हैं।” उन्होंने प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे जैसे नामों का जिक्र करते हुए कहा कि ये फैसले अजित गुट के अपने हैं।

विलय की चर्चाएं अब भी जारी, लेकिन अनिश्चित
अजित पवार की मौत से पहले दोनों गुटों के बीच विलय की बातचीत लगभग अंतिम चरण में थी। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, फरवरी में विलय की घोषणा हो सकती थी। अजित गुट के कुछ नेता इसे अजित पवार की “अंतिम इच्छा” बता रहे हैं, जबकि शरद पवार गुट के कुछ नेता विलय की वकालत कर रहे हैं। हालांकि, अजित गुट का एक धड़ा सुनेत्रा पवार को मजबूत करने पर जोर दे रहा है, जिससे विलय की प्रक्रिया फिलहाल ठंडे बस्ते में चली गई है।

महाराष्ट्र की सियासत में यह नया मोड़ आया है, जहां महायुति गठबंधन में एनसीपी की भूमिका पर सभी की नजरें टिकी हैं। शरद पवार गुट (एनसीपी-एसपी) ने किसी भी शपथ ग्रहण में शामिल होने से इनकार किया है।

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