नई दिल्ली। दिवाली की सुबह-सुबह राजधानी दिल्ली के पश्चिमी हिस्से में एक भयावह अग्निकांड ने लोगों की नींद उड़ा दी। द्वारका जिले के उत्तम नगर थाना क्षेत्र में रविवार (8 नवंबर 2026) सुबह करीब 7 बजे एक तीन मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि पार्किंग में खड़ी कई गाड़ियां, बुलेट मोटरसाइकिल और स्कूटी जलकर खाक हो गईं। गनीमत रही कि ऊपरी मंजिलों पर सो रहे करीब 15 लोगों ने समय रहते छत के रास्ते बगल वाले मकान में कूदकर अपनी जान बचा ली। इस हादसे में कोई हताहत या घायल नहीं हुआ।
नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, आग की शुरुआत ग्राउंड फ्लोर की पार्किंग में लगे बिजली के मीटर से शॉर्ट सर्किट के कारण हुई। लपटें तेजी से पानी के मीटर बोर्ड की वायरिंग तक पहुंच गईं और देखते ही देखते पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। पहले बुलेट मोटरसाइकिल में आग लगी, फिर स्कूटी और पार्किंग में खड़ी कारें धू-धू कर जलने लगीं। आग नीचे से ऊपर की ओर फैलती गई और धुआं फर्स्ट, सेकंड और थर्ड फ्लोर तक पहुंच गया। बीच-बीच में विस्फोट जैसी आवाजें भी सुनाई दीं।
इमारत के ऊपरी मंजिलों पर सो रहे लोग धुएं और गर्मी से जाग गए। उन्होंने तुरंत छत पर भागकर बगल के मकान में कूदकर अपनी जान बचाई। फायर कंट्रोल रूम को करीब 7:30 बजे सूचना मिली। मौके पर दमकल की तीन गाड़ियां पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। राहत की बात यह रही कि समय पर लोगों को भनक लग गई और धुआं घरों में पूरी तरह घुसने से पहले वे सुरक्षित बाहर निकल गए।
यह घटना दिवाली की तैयारियों और त्योहार के दौरान दिल्ली में हुई कई आग की घटनाओं के बीच आई है। इससे एक दिन पहले (शनिवार देर शाम) उत्तम नगर के मुख्य नजफगढ़ रोड पर एक हार्डवेयर और पेंट स्टोर में भी आग लगी थी, जो तीन मंजिला इमारत तक फैल गई थी। उस घटना में भी पांच दमकल गाड़ियों ने करीब आधे घंटे में आग बुझाई और कोई हताहत नहीं हुआ। मालवीय नगर के खिड़की एक्सटेंशन में बेसमेंट में कचरे से लगी आग समेत राजधानी में कई जगहों पर आग की घटनाएं दर्ज की गईं। अधिकारियों ने कहा कि इन घटनाओं में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन घनी आबादी वाले इलाकों में अग्नि सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
पुलिस और दमकल विभाग घटना की जांच कर रहा है। बिजली के मीटर में शॉर्ट सर्किट को मुख्य कारण माना जा रहा है। दिवाली जैसे त्योहार पर घरों और इमारतों में बिजली के उपकरणों, वायरिंग और पार्किंग व्यवस्था की नियमित जांच की जरूरत एक बार फिर रेखांकित हुई है।

