दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण सख्त: हवा ‘सीवियर’ स्तर पर पहुंची, GRAP-III लागू

नई दिल्ली, दिल्ली और एनसीआर में वायु गुणवत्ता ‘सीवियर’ स्तर पर पहुंचने के बाद आयोग फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का स्टेज-III लागू कर दिया है। यह कदम सर्दियों की शुरुआत और दीवाली से पहले बढ़ते प्रदूषण के मद्देनजर उठाया गया है। शहर के कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के पार दर्ज किया गया। रोहिणी, आईआईटी दिल्ली, पंजाबी बाग, आरके पुरम और इंडिया गेट जैसे क्षेत्रों में AQI ‘सीवियर’ श्रेणी में रहा। समग्र AQI ‘वेरी पूअर’ से ‘सीवियर’ की ओर बढ़ रहा था, जिसकी वजह से GRAP-III लागू किया गया। GRAP स्टेज-II पहले से 2 नवंबर से लागू था।

GRAP-III के मुख्य प्रतिबंध
– धूल पैदा करने वाली निर्माण और तोड़-फोड़ गतिविधियां (खुदाई, पाइलिंग, सड़क निर्माण आदि) पर सख्त पाबंदी। जरूरी सार्वजनिक परियोजनाओं (मेट्रो, रेलवे, अस्पताल आदि) को छूट।
– BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल या उससे पुराने चार पहिया वाहनों पर दिल्ली और कुछ NCR जिलों (गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, सोनीपत) में रोक।
– दिल्ली के बाहर पंजीकृत पुराने डीजल लाइट/मीडियम गुड्स वाहनों पर प्रवेश प्रतिबंध।
– स्टोन क्रशर और माइनिंग गतिविधियां बंद।
– कक्षा 5 तक के स्कूलों में हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन/ऑफलाइन) की संभावना।
– स्टेज-I और II के मौजूदा उपाय (सड़क सफाई, पानी छिड़काव, पार्किंग शुल्क दोगुना, ऑफिस टाइमिंग में बदलाव आदि) जारी रहेंगे।

दिल्ली सरकार का विंटर एक्शन प्लान 1 नवंबर से पहले ही लागू है, जिसमें बाहर के नॉन-BS-VI वाहनों पर रोक, ‘नो PUC, नो फ्यूल’ नियम और 50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। IMD और IITM के पूर्वानुमानों के अनुसार आने वाले दिनों में भी हवा की क्वालिटी खराब बनी रह सकती है। अधिकारी नागरिकों से पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने, अनावश्यक यात्रा कम करने और खुली आग न जलाने की अपील कर रहे हैं। यह विकासशील खबर है। अपडेट के लिए नियमित रूप से चेक करें।

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