वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में विधान परिषद के शिक्षक और स्नातक खंड MLC चुनाव की मतगणना में समाजवादी पार्टी ने बड़ी सफलता हासिल की है। शिक्षक MLC सीट पर सपा के निवर्तमान सदस्य लाल बिहारी यादव ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की, जबकि स्नातक सीट पर भी सपा प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा मजबूत बढ़त बनाए हुए हैं। मतगणना स्थल पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया, पुलिस से नोकझोंक हुई और रिकाउंटिंग की मांग की गई।
शिक्षक सीट पर लाल बिहारी यादव की शानदार जीत
पहाड़िया मंडी स्थित मतगणना केंद्र पर शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना में सपा के लाल बिहारी यादव को कुल 11,612 मत मिले। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा प्रत्याशी डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा को 6,597 मत प्राप्त हुए। इस तरह यादव 5,015 मतों के अंतर से विजयी घोषित हुए।
प्रथम वरीयता के मतों में यादव को 10,958 और मिश्रा को 6,060 मत मिले थे। जीत के लिए जरूरी 50 प्रतिशत वैध मतों (लगभग 11,472) से थोड़ा कम होने के कारण द्वितीय वरीयता की गिनती हुई, जिसमें यादव आगे रहे। निर्दलीय चेत नारायण सिंह को करीब 3,471 मत मिले।
लाल बिहारी यादव ने 2020 में भी यह सीट जीती थी। उस समय अंतर करीब 936 वोट का था। इस बार अंतर पांच गुना से ज्यादा बढ़ गया। जीत के बाद सपा कार्यकर्ताओं ने माला पहनाकर जश्न मनाया और मिठाईयां बांटी। यादव ने कहा कि शिक्षकों ने मुद्दों पर आधारित राजनीति को समर्थन दिया है। आठ जिलों (वाराणसी, चंदौली, जौनपुर, गाजीपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र, भदोही और बलिया) के शिक्षकों में मतदान प्रतिशत करीब 69.87 प्रतिशत रहा। कुल वैध मत लगभग 22,943 थे, जबकि 1,441 मतपत्र निरस्त हुए।
स्नातक सीट पर आशुतोष सिन्हा आगे, रिकाउंटिंग जारी
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में सपा के आशुतोष सिन्हा भाजपा के केदारनाथ सिंह से काफी आगे चल रहे हैं। विभिन्न चरणों में सिन्हा की बढ़त हजारों मतों की बताई जा रही है। पांचवें चरण के बाद कुछ रिपोर्टों में उनके कुल मत 28,000 के आसपास और सिंह के 19,000 के आसपास बताए गए, जिससे अंतर करीब 9,000 के आसपास पहुंच गया था। बाद के अपडेट में भी सिन्हा हजारों मतों से आगे बने रहे। भाजपा एजेंटों ने संदिग्ध मतों और वरीयता संबंधी आपत्तियां दर्ज कराईं। इसके बाद संदिग्ध मतों की दोबारा गिनती शुरू हुई। मतगणना प्रक्रिया कई बार रुकी। स्नातक सीट का आधिकारिक परिणाम अभी अंतिम रूप से घोषित नहीं हुआ है।
भाजपा का हंगामा और पुलिस से नोकझोंक
मतगणना स्थल के पश्चिमी गेट पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने पर्यवेक्षक प्रांजल यादव (IAS) पर धांधली का आरोप लगाया और उन्हें हटाने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की, नारेबाजी की और पुलिस से नोकझोंक हुई। पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रित किया। डीसीपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने रीकाउंटिंग और निष्पक्ष प्रक्रिया की मांग की। सपा की ओर से कहा गया कि भाजपा हार सुनिश्चित देखकर इस तरह का व्यवहार कर रही है। अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया पर भाजपा की हार का जिक्र करते हुए टिप्पणी की। यह परिणाम राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वाराणसी पीएम मोदी का गढ़ है। सपा इसे 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए शुभ संकेत बता रही है, जबकि भाजपा ने संगठनात्मक मुद्दों और अन्य कारणों पर चर्चा की है।
मतगणना सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच चल रही थी। शिक्षक सीट का नतीजा सपा के लिए बड़ी राहत और भाजपा के लिए झटका साबित हुआ है। स्नातक सीट का अंतिम परिणाम रिकाउंटिंग के बाद सामने आएगा। सभी आंकड़े उपलब्ध समाचार स्रोतों और आधिकारिक रुझानों पर आधारित हैं। अंतिम आधिकारिक घोषणा चुनाव अधिकारियों द्वारा की जाती है।
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