आंध्र प्रदेश/विशाखापट्टनम: बे ऑफ बंगाल में बने बहुत तीव्र चक्रवाती तूफान ‘अर्णब’ ने बुधवार को आंध्र प्रदेश और यानम तट पर लैंडफॉल पूरा कर लिया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, यह तूफान बापटला और विशाखापट्टनम के बीच, यानम के दक्षिण-पश्चिम में नरसपुर के पास से गुजरा। लैंडफॉल प्रक्रिया सुबह करीब 2 बजे शुरू हुई और 8 बजे तक पूरी हो गई। तूफान के केंद्र में हवा की रफ्तार 125-135 किमी प्रति घंटा और झोंकों की गति 150 किमी प्रति घंटा तक रही। लैंडफॉल के बाद यह कमजोर होकर तीव्र चक्रवाती तूफान में बदल गया।
क्षति और मौतें
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) के अनुसार, आंध्र प्रदेश में साइक्लोन अर्णब के कारण 3 लोगों की मौत हो गई और 31 घर क्षतिग्रस्त हुए। सबसे ज्यादा प्रभावित जिले विशाखापट्टनम, विजयनगरम, अनकापल्ली और श्रीकाकुलम रहे। 764 गांव प्रभावित हुए और करीब 57,000 लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया।
भारी बारिश और तबाही
उत्तर तटीय आंध्र में बेहद भारी बारिश हुई। IMD के आंकड़ों के मुताबिक, विशाखापट्टनम-वाल्टेयर में 315 मिमी, विजयनगरम में 301 मिमी, अनकापल्ली में 275 मिमी और श्रीकाकुलम में 257 मिमी बारिश दर्ज की गई। ओडिशा में कोरापुट में 188 मिमी, गंजम में 161 मिमी और गजपति में 135 मिमी बारिश हुई। सड़कों पर पेड़ उखड़ गए, बिजली के खंभे गिरे, बिजली आपूर्ति बाधित हुई और कई जगहों पर बाढ़ जैसे हालात बन गए। काकीनाड़ा और कोनासीमा में पानी भरने से लोग फंसे, पुलिस ने उन्हें बचाया।
सरकारी तैयारियां और राहत
आंध्र प्रदेश सरकार ने 2,131 चक्रवात आश्रय स्थल तैयार किए थे। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और राहत कार्यों पर जोर दिया। उन्होंने पेड़ हटाकर सड़कें साफ करने, बिजली बहाल करने और फसलों की सुरक्षा के निर्देश दिए। ओडिशा में दक्षिण के जिलों (गंजम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट, मलकांगिरी, नबरंगपुर) में रेड अलर्ट जारी है। वहां भारी से बेहद भारी बारिश और तेज हवाओं का अनुमान है। स्कूल-कॉलेज बंद रखे गए, मछली पकड़ने पर रोक लगाई गई और हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया।
IMD का ताजा अपडेट
तूफान अब उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है और धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है। अगले कुछ घंटों में यह चक्रवाती तूफान और फिर गहरी डिप्रेशन में बदल सकता है। तटीय इलाकों में अगले 3-6 घंटों तक स्टॉर्म सर्ज (समुद्री लहरें) का खतरा बना हुआ है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें, अनावश्यक आवाजाही से बचें और सरकारी निर्देशों का पालन करें। राहत और बचाव कार्य जारी हैं।

