गोल्फ सिटी सेक्टर-75 नोएडा में माँ दुर्गा प्राकट्य एवं महिषासुर वध नृत्य-नाटिका का भव्य मंचन

नोएडा। सेक्टर-75 स्थित गोल्फ सिटी प्लॉट-8 में श्री दुर्गा पूजा महोत्सव के तहत ‘माँ दुर्गा का दिव्य प्राकट्य एवं महिषासुर वध’ शीर्षक से भव्य संगीतमय नृत्य-नाटिका का मंचन किया गया। माँ दुर्गा के प्राकट्य से लेकर महिषासुर के वध तक की पौराणिक कथा को कलाकारों ने प्रभावशाली और जीवंत ढंग से मंच पर उतारा। पूरा पंडाल ‘जय माता दी’ और ‘माँ दुर्गा की जय’ के जयकारों से गूँज उठा।

पंचांग के अनुसार इस वर्ष शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू होकर 20 अक्टूबर 2026 को संपन्न हुई। इसी पर्व के उल्लास के बीच सोसाइटी में यह सांस्कृतिक आयोजन हुआ, जिसे देखने बड़ी संख्या में निवासी पहुँचे।

देवताओं की शक्ति से हुआ माँ का प्राकट्य

नाटिका में दिखाया गया कि कैसे सभी देवताओं ने अपनी-अपनी दिव्य शक्तियाँ देकर माँ दुर्गा के प्राकट्य का मार्ग प्रशस्त किया। इसके बाद देवताओं ने उन्हें अपने दिव्य अस्त्र-शस्त्र अर्पित किए और उन्हें सर्वोच्च दैवीय शक्ति के रूप में प्रतिष्ठित किया। यह दृश्य दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। माँ दुर्गा की भूमिका निभा रहीं दृष्टि श्रीवास्तव ने सशक्त अभिनय, दिव्य भाव-भंगिमाओं और ऊर्जावान नृत्य से दर्शकों का मन मोह लिया। संगीत, लय, मुद्राओं और मंचीय प्रस्तुति के तालमेल ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। दर्शकों ने तालियों और जयकारों से उनकी सराहना की।

नौ शक्तियों और महिषासुर का भीषण युद्ध

अगले दृश्य में माँ दुर्गा की नौ शक्तियों और महिषासुर के बीच हुए भीषण युद्ध का सजीव चित्रण किया गया। अंत में माँ दुर्गा ने महिषासुर का वध कर अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की विजय का शाश्वत संदेश दिया।

लेखन, निर्देशन और कलाकार

नाटिका का लेखन प्रभुदयाल गुप्ता ने किया, जबकि निर्देशन एवं मार्गदर्शन नीरा गुप्ता का रहा। कार्यक्रम की शुरुआत युवा कलाकारों आश्वी आद्या, अक्षिता, तुर्वस, कविश और भव्य की ऊर्जावान प्रस्तुति से हुई। तुर्वस कपूर ने माँ दुर्गा के सिंह की भूमिका में जोशीले अभिनय से खूब वाहवाही बटोरी।

अन्य प्रमुख भूमिकाएँ इस प्रकार रहीं:

भगवान शिव: बी. के. अवस्थी

भगवान विष्णु: पी. डी. गुप्ता

भगवान ब्रह्मा: जी. सी. गोयल

देवराज इंद्र: सुरिंदर कौर

देवता: सुधा गोयल, अनीता, नीलम, वीणा सक्सेना और वेरोनिका

महिषासुर: सुमीता मिश्रा, जिनके दमदार अभिनय ने पात्र को मंच पर साकार कर दिया। सहयोगी कलाकार पूजा और गरिमा ने देवलोक पर विजय के प्रसंग में शानदार नृत्य प्रस्तुत किया।

माँ दुर्गा की शक्तियाँ: वर्षा, कीर्ति, अर्चना झा, सिम्मी श्रीवास्तव, नेहा, मधु, नीतू, सुमिता गुप्ता और सुनीता ने भरतनाट्यम की उत्कृष्ट प्रस्तुति दी।

कार्यक्रम का संचालन वैशाली जिंदल ने किया। विक्की चावला और मनोज चौहान के मधुर संगीत ने नाटिका को यादगार बनाने में अहम भूमिका निभाई।

“केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, धर्म की विजय का संदेश”

सोसाइटी के निवासी डॉ. मुन्ना कुमार शर्मा ने कहा कि यह प्रस्तुति केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं थी, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था, नारी शक्ति और धर्म की विजय का सशक्त संदेश भी थी। उन्होंने कहा कि अधर्म चाहे कितना भी शक्तिशाली हो, अंततः जीत सत्य, धर्म और सदाचार की ही होती है।

डॉ. शर्मा के अनुसार कलाकारों के समर्पण, आयोजकों के प्रयास, संगीत की मधुरता और दर्शकों की श्रद्धा ने इस आयोजन को अविस्मरणीय बना दिया। ‘जय माता दी’ के गगनभेदी जयकारों के साथ यह प्रस्तुति सभी के मन में भक्ति और उत्साह की अमिट छाप छोड़ गई।

यह भी पढ़ें: जामिया में छात्र संघ बहाली को लेकर प्रदर्शनकारियों और गार्ड्स में झड़प, विश्वविद्यालय ने सभी कक्षाएं की ऑनलाइन

यहां से शेयर करें