नोएडा में पेयजल संकट के स्थायी समाधान की मांग, प्रशासन से लगाई गुहार

नोएडा। उत्तर प्रदेश की आर्थिक राजधानी के रूप में पहचान बना चुके नोएडा में पेयजल की उपलब्धता और गुणवत्ता का मुद्दा उठा है। आरडब्ल्यूए सेक्टर-105 के अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से इस समस्या के स्थायी समाधान की अपील की है। उन्होंने कहा, “विकास का गौरव तभी संपूर्ण, जब हर घर पहुंचे शुद्ध जल।”

विश्वस्तरीय अवसंरचना, फिर भी पानी की किल्लत

प्रेस विज्ञप्ति में दिव्य कृष्णात्रेय ने कहा कि नोएडा की गगनचुंबी इमारतें और आधुनिक सड़कें जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की दूरदर्शी सोच का नतीजा हैं। उन्होंने कहा कि शहर के कई हिस्सों में परिवार, बुजुर्ग और बच्चे पानी की किल्लत और घटती गुणवत्ता से जूझ रहे हैं। उनके अनुसार पानी केवल बुनियादी सुविधा नहीं है। यह हर नागरिक के स्वास्थ्य, सम्मान और जीवन का आधार है।

“शिकायत नहीं, विश्वास की अपील”

अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यह अपील किसी शिकायत या विरोध का हिस्सा नहीं है। उन्होंने इसे शहर के कर्णधारों पर जताया गया भरोसा बताया। उनके मुताबिक जनप्रतिनिधि और अधिकारी पूरे नोएडा परिवार के अभिभावक हैं। परिवार का कोई सदस्य परेशानी में हो तो उसकी पीड़ा सबसे पहले अभिभावक तक पहुँचती है।

अधिकारियों से त्वरित राहत और दीर्घकालिक योजना की मांग

दिव्य कृष्णात्रेय ने भरोसा जताया कि जिस प्रशासनिक क्षमता ने नोएडा को विकास के शिखर तक पहुँचाया है, उसके लिए जल संकट का स्थायी समाधान खोजना असंभव नहीं है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से आग्रह किया कि:

पेयजल की उपलब्धता और गुणवत्ता में सुधार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित राहत उपलब्ध कराई जाए।

भविष्य के लिए दीर्घकालिक योजनाएँ लागू की जाएँ।

“ईज़ ऑफ लिविंग” में मिसाल बनने की अपेक्षा

उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से नोएडा आर्थिक प्रगति के साथ-साथ नागरिकों के जीवन की सुगमता (Ease of Living) में भी देश के लिए मिसाल बन सकेगा।

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