गाजियाबाद, दिव्य प्रेम सेवा मिशन, हरिद्वार के तत्वावधान में गाजियाबाद के सनसिटी (NH-24) में चल रहे विश्व के सबसे बड़े ऐतिहासिक महानाट्य ‘जाणता राजा’ के सजीव मंचन के दूसरे दिन शुक्रवार को महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल श्री भगत सिंह कोश्यारी ने छत्रपति शिवाजी महाराज के वीर सेनापति तानाजी मालुसरे की अमर गाथा सुनाकर पूरे पंडाल में जोश भर दिया।
“गढ़ आया, सिंह गेला” मराठी साहित्य का यह कालजयी कथन आज सनसिटी में गूंज उठा। श्री कोश्यारी ने बताया कि कोंढाणा दुर्ग (जिसे बाद में सिंहगढ़ नाम दिया गया) की लड़ाई में तानाजी मालुसरे ने अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे। दुर्ग जीतने के बाद शिवाजी महाराज ने भावुक होकर कहा था “किला तो हाथ आ गया, लेकिन मेरा सिंह चला गया।” इसी विजय ने इतिहास की दिशा बदल दी। 82 वर्ष की आयु में भी छत्रपति शिवाजी महाराज के आदर्श उन्हें युवाओं जैसी ऊर्जा देते हैं, ऐसा कोश्यारी ने कहा। उन्होंने युवाओं से अपील की कि बुद्धि और युक्ति से आगे बढ़ें तथा देश के खोए गौरव को फिर हासिल करने का संकल्प लें।
परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश के प्रमुख स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज ने दिव्य प्रेम सेवा मिशन और इसके अध्यक्ष डॉ. आशीष गौतम को साधुवाद देते हुए कहा कि कुछ लोग सिर्फ अपने लिए जीते हैं, लेकिन डॉ. गौतम ने समाज के लिए जीवन समर्पित कर दिया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रनिर्माण के लिए तलवार की शक्ति और विचार की शक्ति दोनों जरूरी हैं। विदेशी अपसंस्कृति से बचाव और भारत को भारत के रूप में देखने के लिए ‘जाणता राजा’ जैसा आयोजन आवश्यक है।
कार्यक्रम स्थल पर समर्थ गुरु रामदास, मां तुलजाभवानी, जीजाबाई और छत्रपति शिवाजी महाराज के जयकारे गूंज रहे थे। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और पूरे दिल्ली-एनसीआर से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। सबसे ज्यादा उपस्थिति युवाओं और छात्र-छात्राओं की रही। कई इंजीनियरिंग कॉलेज और विश्वविद्यालयों ने अपने छात्रों को कार्यक्रम देखने के लिए भेजा।
महानाट्य में शिवाजी महाराज के जन्म से लेकर जीजाबाई की साधना, समर्थ गुरु रामदास की शिक्षा, प्रमुख युद्धों और राज्याभिषेक तक का सजीव मंचन हो रहा है। अफजल खान वध के दृश्य में युवा दर्शकों की ऊर्जा देखते ही बनती है। 250 से अधिक कलाकार, हाथी, घोड़े, तोप और तलवारों के साथ 17वीं शताब्दी का माहौल जीवंत हो उठा है।
इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय संगठक श्री नागेंद्र सिंह, वरिष्ठ पत्रकार श्रीवर्धन त्रिवेदी, राज्यसभा सांसद अमरपाल मौर्य, दिव्य प्रेम सेवा मिशन के संयोजक डॉ. संजय चतुर्वेदी, आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं GNIOT चेयरमैन डॉ. राजेश गुप्ता, संयोजक विनय चौधरी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उमेश निगम समेत कई प्रबुद्धजन मौजूद रहे। संचालन मिशन के सहसंयोजक राघवेंद्र सिंह ने किया। ‘जाणता राजा’ का यह सात दिवसीय मंचन 22 अक्टूबर से शुरू होकर 28 अक्टूबर तक प्रतिदिन शाम 4:30 बजे से लगभग चार घंटे चलेगा। इससे पहले लखनऊ और आगरा में भी सफल आयोजन हो चुके हैं। आयोजकों का लक्ष्य युवा पीढ़ी तक सकारात्मक संदेश पहुंचाना और छत्रपति शिवाजी महाराज के आदर्शों को जन-जन तक फैलाना है।
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