ग्रेटर नोएडा। असली नोटों के बदले तीन गुना नकली नोट देने का लालच देकर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने गिरोह के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 200 रुपए के 920 नकली नोट बरामद हुए हैं, जिनकी कुल कीमत 1.84 लाख रुपए है।
कार और असली नोट भी बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से जाली नोटों के साथ एक बिना नंबर प्लेट की मारुति डिजायर कार और 1,000 रुपए के असली नोट भी बरामद किए हैं।
आरोपियों की पहचान
डीसीपी ग्रेटर नोएडा श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अर्जुन सिंह, शशांक गुप्ता, शांतनु सिंह और वैभव शुक्ला के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि आरोपी लोगों को असली नोटों के बदले तीन गुना नकली नोट देने का लालच देते थे और इसी बहाने ठगी कर पैसे कमाते थे।
जेल में सीखा नकली नोट बनाना
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि अर्जुन सिंह वर्ष 2024 में अयोध्या जेल में बंद था। वहां उसकी मुलाकात कुबेर सिंह से हुई। आरोप है कि कुबेर ने उसे नकली नोट बनाने का तरीका सिखाया। इसके बाद आरोपी प्रिंटर की मदद से नकली नोट तैयार करने लगे।
पहले भी दर्ज हैं मुकदमे
पुलिस के अनुसार, आरोपियों का अयोध्या समेत अन्य जिलों में भी आपराधिक रिकॉर्ड है। इनमें से कुछ के खिलाफ पहले भी धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं।
गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश
पुलिस ने नॉलेज पार्क थाने में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही गिरोह के बाकी सदस्यों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।
पुलिस की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के असली नोट के बदले ज्यादा नकली या अधिक रकम देने के झांसे में न आएं। ऐसे मामलों की सूचना तुरंत नजदीकी थाने या पुलिस हेल्पलाइन को दें।
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