राहुल गांधी पर गर्भवती महिला पत्रकार को धक्का देने का आरोप

नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट परिसर में एक महिला पत्रकार को धक्का देने का आरोप लगा है। आरोप लगाने वाली पत्रकार रिचा पराशर तीन महीने की गर्भवती बताई जा रही हैं और फिलहाल दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती हैं।

क्या है पूरा मामला

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सोमवार को इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला था। राहुल गांधी के नेतृत्व में हुए इस मार्च में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार सहित कई नेता शामिल हुए थे। मार्च से जुड़ा एक आरोप पत्र राहुल गांधी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल भी किया गया है। इसी दौरान सुप्रीम कोर्ट परिसर से निकलते वक्त कथित तौर पर धक्का-मुक्की की यह घटना हुई, जिसको लेकर अब राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।

पत्रकार का क्या है आरोप

एक टीवी चैनल से जुड़ी पत्रकार रिचा पराशर ने दावा किया कि वे राहुल गांधी का बयान लेने के लिए माइक लेकर गेट पर खड़ी थीं। उनके मुताबिक, पहले उन्हें माइक हटाने का इशारा किया गया, लेकिन जब उन्होंने देखा कि अन्य मीडियाकर्मी अब भी अपने कैमरे और माइक के साथ मौजूद हैं तो उन्होंने दोबारा माइक आगे बढ़ाया। पराशर का आरोप है कि इसी दौरान राहुल गांधी ने उनका हाथ पकड़कर खींचा और उनके सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें धक्का दिया, जिससे वे सीढ़ियों पर गिर गईं। उनका यह भी दावा है कि उनका कैमरापर्सन भी राहुल गांधी की कोहनी लगने से गिर पड़ा और बाद में उनके ऊपर जा गिरा।

पत्रकार के अनुसार, इस दौरान उनके फोन की स्क्रीन टूट गई और हाथ की एक अंगुली में चोट लगने से खून बहने लगा। उन्होंने बताया कि विरोध करने पर मौके पर मौजूद लोग ‘राहुल गांधी जिंदाबाद’ के नारे लगाने लगे, जिससे उनकी आवाज़ दब गई। पराशर ने बताया कि घटना के समय उन्होंने अपनी गर्भावस्था की जानकारी किसी को नहीं दी थी। अस्पताल में पेट दर्द की शिकायत पर जांच के दौरान यह बात सामने आई, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें भर्ती करने की सलाह दी।

बीजेपी नेता का दावा

दिल्ली बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश भाटिया ने बताया कि घटना की जानकारी उन्हें पीड़ित पत्रकार की बहन से मिली थी, जिसके बाद वे स्थानीय नेताओं के साथ तुरंत अस्पताल पहुंचे। भाटिया के मुताबिक डॉक्टरों ने बताया कि महिला की गर्भावस्था में कुछ समस्या सामने आई है, जिसके चलते उन्हें भर्ती कर एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड सहित जरूरी जांच कराई गई। बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने पत्रकार से अस्पताल में हुई बातचीत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया है, जिसमें पराशर ने पूरा घटनाक्रम बयां किया है।

पत्रकार बोलीं- यह बीजेपी-कांग्रेस का मसला नहीं

एनडीटीवी से बातचीत में रिचा पराशर ने बताया कि घटना के वक्त उनके पति लाइव यह सब देख रहे थे और करीब शाम सवा सात बजे तक अस्पताल पहुंच गए थे। बीजेपी के साथ मिलकर मामला आगे बढ़ाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह दक्षिणपंथ-वामपंथ या किसी पार्टी का मुद्दा नहीं है, बल्कि कांग्रेस के पास भी मौका था कि वे उनका हालचाल पूछते, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि फिलहाल उनका ध्यान अपनी सेहत पर है।

अब तक कांग्रेस या राहुल गांधी की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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