गाजियाबाद में निर्माणाधीन इमारत का लिंटर गिरा, 11 लोग सुरक्षित निकाले गए

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  • साहिबाबाद मेट्रो स्टेशन के पास हुआ हादसा

  • फायर सर्विस, पुलिस, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ ने चलाया संयुक्त बचाव अभियान

  • कई घंटे की तलाशी में मलबे में कोई अन्य व्यक्ति नहीं मिला

Uttar Pradesh News: गाजियाबाद। गाजियाबाद के साहिबाबाद क्षेत्र में शहीदनगर मेट्रो स्टेशन के पास सोमवार शाम एक निर्माणाधीन इमारत का लिंटर गिरने से अफरा-तफरी मच गई। हादसे के समय मौके पर मौजूद लोगों के मलबे में दबने की आशंका के चलते राहत और बचाव दलों को तत्काल मौके पर बुलाया गया। फायर सर्विस, पुलिस, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और सिविल डिफेंस की टीमों ने संयुक्त रूप से बचाव अभियान चलाया। कई घंटे की मशक्कत के बाद मलबे से 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद पूरे क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। अधिकारियों के मुताबिक, मलबे में कोई अन्य व्यक्ति नहीं मिला और हादसे में किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। Uttar Pradesh News

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शहीदनगर में रेस्क्यू ऑपरेशन, 11 लोग बचाए गए

शाम 6:38 बजे मिली हादसे की सूचना

फायर सर्विस के अनुसार, सोमवार 12 अक्टूबर 2026 को शाम 6:38 बजे साहिबाबाद फायर स्टेशन के कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि शहीदनगर मेट्रो स्टेशन के पास एक निर्माणाधीन भवन का लिंटर गिर गया है और कुछ लोग मलबे में दबे हुए हैं। सूचना मिलते ही साहिबाबाद फायर स्टेशन से प्रभारी अग्निशमन अधिकारी फायर टेंडर और बचाव उपकरणों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हो गए।

हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्य अग्निशमन अधिकारी को भी तत्काल जानकारी दी गई। अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए डिजास्टर वैन को मौके पर भेजा गया। घटनास्थल पर पहुंची फायर सर्विस की टीम ने स्थानीय लोगों और नागरिक पुलिस के सहयोग से राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया।

निर्माणाधीन भवन का लिंटर गिरने के कारण मौके पर मलबा फैल गया था। ऐसे में बचाव दल ने सावधानीपूर्वक मलबा हटाने और उसमें फंसे लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया। स्थिति को देखते हुए रेस्क्यू उपकरणों के साथ हाइड्रा मशीन की मदद ली गई, ताकि मलबे को हटाकर दबे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।

मलबे से एक-एक कर निकाले गए 11 लोग

बचाव अभियान के दौरान फायर सर्विस और पुलिस की टीमों ने समन्वय के साथ काम किया। मलबे में दबे लोगों को एक-एक कर बाहर निकाला गया। बचाव दल ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि मलबा हटाते समय किसी घायल व्यक्ति को अतिरिक्त नुकसान न पहुंचे।

फायर सर्विस के मुताबिक, इस हादसे में सुरक्षित निकाले गए लोगों में रामू (36), विक्की (36), महैपूजा खातून (26), नगमा, मुजाहिद (33), वीरपाल (25), तौफीक (25), भोले (19), जितेंद्र, श्रीराम (39) और रोशन शर्मा (35) शामिल हैं।

बताया गया कि बचाए गए लोग दिल्ली के विभिन्न इलाकों के अलावा फर्रुखाबाद, पूर्णिया, संभल, पन्ना और कन्नौज समेत अलग-अलग स्थानों के रहने वाले हैं। सभी 11 लोगों को मलबे से बाहर निकालने के बाद प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया। इसके बाद एंबुलेंस और अन्य उपलब्ध वाहनों की सहायता से उन्हें चिकित्सकीय जांच के लिए अस्पताल भेजा गया। Uttar Pradesh News

एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने संभाला मोर्चा

हादसे की गंभीरता को देखते हुए बचाव अभियान में अतिरिक्त टीमों को भी शामिल किया गया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी गाजियाबाद, अग्निशमन अधिकारी कोतवाली और फायर स्टेशन वैशाली की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। इसके अलावा मुख्य अग्निशमन अधिकारी गौतमबुद्धनगर भी अपनी रेस्क्यू यूनिट के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।

एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीमों ने भी संयुक्त अभियान में सहयोग किया। सभी टीमों ने आपसी समन्वय के साथ मलबे में किसी अन्य व्यक्ति के फंसे होने की आशंका को दूर करने के लिए तलाशी अभियान चलाया।

बचाव दल ने शुरुआत में कर्मचारियों की मदद से मलबे की बारीकी से जांच की। इसके बाद जेसीबी मशीन की सहायता से मलबा हटाकर पूरे क्षेत्र में गहन तलाशी ली गई। अधिकारियों के अनुसार, बचाव अभियान के दौरान किसी अन्य व्यक्ति के मलबे में दबे होने की पुष्टि नहीं हुई।

कई घंटे चला तलाशी अभियान, लोगों को दिए सुरक्षा निर्देश

मलबे से सभी 11 लोगों को सुरक्षित निकालने के बाद भी बचाव दल ने तत्काल अभियान समाप्त नहीं किया। संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र की दोबारा जांच की गई। मैनपावर और मशीनों की मदद से मलबे के अलग-अलग हिस्सों को खंगाला गया, ताकि कोई व्यक्ति भीतर फंसा न रह जाए।

कई घंटे तक चले तलाशी अभियान के बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली। फायर सर्विस के अनुसार, पूरे अभियान के दौरान कोई अन्य व्यक्ति मलबे में दबा नहीं मिला। इसके बाद घटनास्थल पर मौजूद लोगों को सुरक्षा संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बचाव और तलाशी अभियान पूरा होने के बाद फायर सर्विस सहित अन्य टीमें अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गईं।

निर्माणाधीन इमारत का लिंटर गिरने की इस घटना ने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, हादसे के कारणों और निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संबंधित अधिकारियों की जांच और आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना जरूरी है। फिलहाल राहत की बात यह है कि मलबे में दबे बताए गए सभी 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और तलाशी अभियान में किसी अन्य व्यक्ति के फंसे होने की जानकारी नहीं मिली।

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