अमेरिका ने चीन के LOGINK को ट्रेड बताया सुपरवेपन, अब प्लेटफॉर्म गायब, वैश्विक व्यापार की लड़ाई

वेनझोउ (चीन)/टोक्यो, चार साल पहले अमेरिका ने चेतावनी दी थी कि चीन वैश्विक व्यापार पर नियंत्रण के लिए एक ‘ट्रेड सुपरवेपन’ तैयार कर रहा है। यह सुपरवेपन था LOGINK चीन की सरकारी लॉजिस्टिक्स डेटा प्लेटफॉर्म, जो दुनिया भर के बंदरगाहों, सीमा शुल्क और माल ढुलाई के डेटा को एक जगह इकट्ठा कर बीजिंग को अंतरराष्ट्रीय कार्गो के प्रवाह की अभूतपूर्व जानकारी दे सकता था। लेकिन रॉयटर्स की जांच में सामने आया है कि यह प्लेटफॉर्म अब लगभग गायब हो चुका है।

LOGINK (नेशनल ट्रांसपोर्टेशन एंड लॉजिस्टिक्स पब्लिक इंफॉर्मेशन प्लेटफॉर्म) को चीन सरकार ने वैश्विक शिपिंग को डिजिटल बनाने का प्रमुख प्रोजेक्ट बताया था। यह कस्टम अधिकारियों, बंदरगाहों और ट्रांसपोर्ट कंपनियों के डेटा को जोड़कर कागजी प्रक्रिया को खत्म करने का वादा करता था। 2010 में जापान और दक्षिण कोरिया के साथ डेटा-शेयरिंग समझौते हुए। बाद में यूरोपीय बंदरगाहों और अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठनों से भी साझेदारी की कोशिश की गई। चीन के परिवहन मंत्रालय ने इसे ‘की प्रोजेक्ट’ करार दिया था।

लेकिन 2022 के बाद अमेरिका ने इसका जोरदार विरोध शुरू कर दिया। अमेरिकी सांसदों (जिनमें मार्को रूबियो भी शामिल थे) ने चेतावनी दी कि LOGINK चीनी कम्युनिस्ट पार्टी को वैश्विक व्यापार की नसों पर ‘स्ट्रैंगलहोल्ड’ दे सकता है। आशंका थी कि इससे चीन को माल की मात्रा, कीमत और संवेदनशील सैन्य शिपमेंट (जैसे यूक्रेन या ताइवान को हथियार) की जानकारी मिल सकती है। अमेरिकी कांग्रेस ने पेंटागन को LOGINK से जुड़े किसी भी अनुबंध से रोक दिया और सहयोगियों को भी इससे दूर रहने की सलाह दी।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, LOGINK के वैश्विक साझेदारियां अब ठप पड़ गई हैं। यह अंतरराष्ट्रीय मेरिटाइम एसोसिएशन से बाहर हो गया। जापान और दक्षिण कोरिया के साथ चल रही सेवाएं बंद हो गईं। यूरोपीय बंदरगाहों (जैसे रॉटरडैम और पुर्तगाल के साइनस) के साथ समझौते भी आगे नहीं बढ़े। प्लेटफॉर्म की वेबसाइट 2024 के मध्य से डाउन है।

चीन के वेनझोउ में LOGINK के मुख्यालय पर रॉयटर्स रिपोर्टर के दौरे में कार्यालय सुनसान मिला लाइटें बंद, रिसेप्शन खाली और कंप्यूटर केबल्स निकाले गए। जनवरी 2024 से कंपनी पर कम से कम 39 मुकदमे दर्ज हुए हैं, जिनमें करीब 13 लाख डॉलर के दावे शामिल हैं। इनमें मजदूर विवाद, बिजली बिल और किराए के मामले हैं। चीन मोबाइल की सहायक कंपनी ने भी मुकदमा दायर किया था।

अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने सहयोगियों और उद्योग को LOGINK के इस्तेमाल से दूर रखने के लिए दबाव डाला। अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने स्पष्ट कहा कि वाशिंगटन बीजिंग नियंत्रित किसी प्लेटफॉर्म को वैश्विक समुद्री डेटा पर ‘चोकहोल्ड’ हासिल नहीं करने देगा।

बीजिंग की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। चीन के परिवहन मंत्रालय ने सवालों के जवाब नहीं दिए, हालांकि जून में एक नीति दस्तावेज में घरेलू डेटा स्ट्रीम से जोड़ने की बात कही गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी ‘नेम एंड शेम’ रणनीति और सहयोगियों पर दबाव ने LOGINK के वैश्विक विस्तार को रोक दिया।

यह घटना अमेरिका-चीन के बीच वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और डिजिटल बुनियादी ढांचे पर चल रही प्रतिस्पर्धा का नया अध्याय है। विश्व व्यापार का 80 प्रतिशत हिस्सा समुद्री मार्ग से होता है। LOGINK का पतन बीजिंग की वैश्विक व्यापार के भविष्य को आकार देने की कोशिशों के लिए झटका है, जबकि वाशिंगटन के लिए राहत।

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