पुणे के 8 छात्रों की रायगढ़ के दिवेआगर बीच पर डूबने से मौत, पिकनिक के दौरान हुआ हादसा

रायगढ़/पुणे, महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के प्रसिद्ध दिवेआगर समुद्र तट पर गुरुवार को दर्दनाक हादसा हुआ। पुणे के आलंदी स्थित एक निजी कोचिंग संस्थान से पिकनिक पर आए आठ छात्रों की समुद्र में डूबने से मौत हो गई। पुलिस और जिला प्रशासन के अनुसार, सभी आठ शव बरामद कर लिए गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि छात्रों ने समुद्र की गहराई और तेज बहाव का सही अनुमान नहीं लगाया था।

48 सदस्यीय दल दिवेआगर पहुंचा था

जानकारी के मुताबिक, आलंदी की विनर्स अकादमी से 25 छात्र, 17 छात्राएं और छह शिक्षक—कुल 48 लोग—निजी बस से दिवेआगर के दिघी सागरी क्षेत्र में घूमने पहुंचे थे। समुद्र तट पर पहुंचने के बाद कुछ छात्र नहाने के लिए पानी में उतर गए। इसी दौरान वे गहरे पानी और समुद्री धाराओं की चपेट में आ गए।

पुलिस के अनुसार, छात्रों ने समुद्र में उतरते समय ज्वार और पानी के बहाव का गलत आकलन किया। कुछ ही समय में वे किनारे से दूर बहने लगे और देखते ही देखते समुद्र में डूब गए। हादसे के बाद समुद्र तट पर अफरा-तफरी मच गई।

स्थानीय लोगों ने शुरू किया बचाव अभियान

छात्रों के डूबने की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग, जलक्रीड़ा कर्मी और प्रशासनिक दल मौके पर पहुंचे। महाकाली वॉटर स्पोर्ट्स से जुड़े कर्मचारियों और स्थानीय निवासियों ने समुद्र में उतरकर तलाश शुरू की। इसके बाद पुलिस और बचाव दलों ने अभियान तेज किया।

पुलिस ने बताया कि हादसा दिघी कोस्टल पुलिस थाना क्षेत्र में हुआ। सभी आठ छात्रों के शव बरामद कर लिए गए हैं और उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई। घटनास्थल पर पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौजूद हैं तथा आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जा रही है।

मृत छात्रों की पहचान

पुलिस के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले छात्रों की पहचान इस प्रकार हुई है:

तन्मय दत्तात्रय वाहिले

सुमित भरत आहिरे

प्रणव रामदास बांसोडे

कैवल्य सतीश वासंकर

राजवीर युवराज वाहिले

यश किरण वानखेड़े

सोहम तुकाराम भांडवलकर

कौस्तुभ संदीप दौंड

इनमें अधिकांश छात्र कक्षा 11 और 12 के बताए जा रहे हैं।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

दिवेआगर रायगढ़ का लोकप्रिय पर्यटन स्थल है, जहां बड़ी संख्या में पर्यटक और शैक्षणिक समूह पहुंचते हैं। हादसे के बाद समुद्र तटों पर सुरक्षा व्यवस्था, प्रशिक्षित लाइफगार्ड की उपलब्धता और पर्यटक समूहों की निगरानी को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, समुद्र में पानी शांत दिखाई देने पर भी अंदरूनी धाराएं बेहद तेज हो सकती हैं। ज्वार के समय समुद्र में उतरना विशेष रूप से जोखिमपूर्ण होता है। ऐसे स्थानों पर चेतावनी संकेतों, प्रतिबंधित क्षेत्रों और लाइफगार्ड के निर्देशों का पालन करना जरूरी है।

अलग-अलग समय पर सामने आई जानकारी

घटना के शुरुआती घंटों में कुछ रिपोर्टों में सात शव मिलने और एक छात्र की तलाश जारी रहने की जानकारी दी गई थी। बाद में जिला प्रशासन और पुलिस के हवाले से बताया गया कि सभी आठ छात्रों को बरामद कर लिया गया है और उनकी मौत हो चुकी है।

फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि छात्रों के समुद्र में उतरने के समय उनके साथ शिक्षक या प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मी मौजूद थे या नहीं। प्रशासन की विस्तृत रिपोर्ट और संस्थान की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

परिजनों में शोक

हादसे की खबर मिलते ही छात्रों के परिवारों में शोक की लहर दौड़ गई। एक खुशी की पिकनिक कुछ ही मिनटों में मातम में बदल गई। प्रशासन की ओर से परिजनों को सूचना देने और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा रही है।

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