चितकारा में भूत की अफवाह, LPU में रेप के आरोप

चंडीगढ़/जालंधर। पंजाब के दो निजी विश्वविद्यालयों में लड़कियों के हॉस्टल से जुड़ी अफवाहों और आरोपों के बाद लगातार दो रातों तक हिंसक प्रदर्शन हुए। राजपुरा के पास चितकारा यूनिवर्सिटी में 25 सितंबर को और फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में 26 व 27 सितंबर को हालात बिगड़े। दोनों कैंपस के बीच करीब 140 किलोमीटर की दूरी है। पंजाब पुलिस के स्पेशल डीजीपी प्रवीण सिन्हा ने कहा है कि दोनों घटनाओं के बीच कोई संबंध नहीं है।

दोनों कैंपस में सोशल मीडिया से फैली दहशत

चितकारा में भूत और लापता छात्राओं की चर्चा फैली, जबकि LPU में हॉस्टल की एक छात्रा से दुष्कर्म और बाद में आत्महत्या के दावे किए गए। दोनों जगह सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो के जरिए छात्राओं की सुरक्षा को लेकर डर फैला और चिंतित छात्र हॉस्टल से बाहर निकलकर जवाब मांगने जुटे। पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि ऑनलाइन फैलाए जा रहे दावों के पक्ष में कोई सबूत नहीं मिला।

चितकारा: स्पीकर पर डरावनी आवाजें, फिर भूत की कहानी

बनूड़ थाने के SHO गुरसेवक सिंह ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि 23 सितंबर को कुछ छात्राओं ने कथित तौर पर हॉस्टल में स्पीकर पर डरावनी आवाजें बजाईं। वार्डन ने कमरों की जांच की, लेकिन कुछ नहीं मिला। इसके बाद अफवाह उड़ी कि हॉस्टल में तीन साल पहले आत्महत्या करने वाली एक छात्रा का भूत है। पुलिस के मुताबिक यह अफवाह का ही हिस्सा थी।

24 सितंबर को कैंपस में एम्बुलेंस आने और एक पादरी के पहुंचने से अटकलें और तेज हो गईं। यूनिवर्सिटी ने स्पष्ट किया कि एम्बुलेंस एक छात्र को अस्पताल से वापस लेकर तड़के करीब 2:50 बजे आई थी, जबकि पादरी दोपहर करीब 3 बजे अपनी बेटी से मिलने आए थे। यूनिवर्सिटी के अनुसार इससे जुड़ी कोई मौत या आत्महत्या नहीं हुई।

चितकारा: लापता छात्राओं के नाम-पहचान नहीं दे पाए प्रदर्शनकारी

शुक्रवार रात सैकड़ों छात्र जवाब मांगने कैंपस में जमा हो गए। बनूड़, राजपुरा सदर और राजपुरा सिटी थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। प्रदर्शन के दौरान कम से कम दो पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त हुए, कैंपस में तोड़फोड़ हुई और एक पुलिस अधिकारी से कथित तौर पर धक्का-मुक्की की गई।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदर्शनकारी कथित लापता छात्राओं के नाम, फोटो, रोल नंबर या कोई पहचान संबंधी जानकारी नहीं दे सके। SHO ने कहा कि किसी छात्रा के लापता होने या उसे नुकसान पहुंचने की कोई शिकायत नहीं है। अफवाहों की शुरुआत और तोड़फोड़ की जांच की जा रही है, हालांकि 26 सितंबर तक छात्रों के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं हुआ था।

LPU: कथित दुष्कर्म के आरोप पर FIR, SIT गठित

द ट्रिब्यून के अनुसार LPU में छात्रों ने आरोप लगाया कि कैंपस के बाहर से आए एक कामगार ने गर्ल्स हॉस्टल में एक छात्रा से यौन उत्पीड़न किया। आरोपी के पेंटर, प्लंबर या निर्माण मजदूर होने को लेकर अलग-अलग बातें कही गईं। कुछ प्रदर्शनकारियों ने यह भी दावा किया कि छात्रा घर लौटने के बाद आत्महत्या कर चुकी है, जिसकी अब तक पुष्टि नहीं हुई है।

कपूरथला पुलिस ने हॉस्टल की छात्राओं की शिकायत पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज की है और विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया है। DIG नवीन सिंगला ने कहा कि फॉरेंसिक सबूत, CCTV फुटेज और फोन डेटा की जांच छात्र प्रतिनिधियों को शामिल करके की जाएगी। उन्होंने कहा, “हम सच्चाई सामने लाएंगे।” वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार प्रदर्शनकारियों द्वारा बताई गई जगह पर प्रारंभिक जांच में आरोप की पुष्टि नहीं हुई है। कथित वारदात हुई या नहीं, यह अभी स्थापित नहीं हो सका है।

LPU के वीडियो पर सवाल

LPU ने आरोप को खारिज करने के लिए एक वीडियो जारी किया, जिसमें हॉस्टल के उस कमरे की तीन छात्राएं थीं जिसका जिक्र आरोपों में आया था। उन्होंने कहा कि उनके कमरे में ऐसी कोई घटना नहीं हुई। बाद में इन छात्राओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उन्हें बोलने के लिए सिखाया, रिकॉर्डिंग एडिट की और बिना अनुमति प्रकाशित की। एक छात्रा ने कहा कि उनकी सहमति नहीं ली गई, जबकि दूसरी ने कहा कि उनके कमरे का नाम यूं ही लिया गया और उन्हें अकेला छोड़ने की अपील की। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक उनके बयान से दुष्कर्म की पुष्टि नहीं होती, लेकिन यूनिवर्सिटी द्वारा वीडियो के इस्तेमाल पर सवाल जरूर उठे हैं।

हाईवे जाम, आगजनी और पुलिसकर्मी घायल

LPU का प्रदर्शन कैंपस से निकलकर जालंधर-फगवाड़ा हाईवे तक फैल गया। कैंपस की संपत्ति और दुकानों में तोड़फोड़ हुई, फर्नीचर और वाहनों में आग लगाई गई। सोशल मीडिया वीडियो में प्रदर्शनकारी प्रदर्शित मिग-23 लड़ाकू विमान और एक सैन्य टैंक पर चढ़ते दिखे। रविवार रात एक पुलिस वाहन भी फूंक दिया गया।

पुलिस कार्रवाई को लेकर परस्पर विरोधी दावे हैं। प्रदर्शनकारियों ने लाठीचार्ज का आरोप लगाया, जबकि पुलिस ने इससे इनकार करते हुए पथराव का आरोप लगाया। जालंधर SSP हरविंदर सिंह विर्क ने इंडिया टुडे के हवाले से कहा कि पुलिसकर्मी घायल हुए हैं और पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक रविवार को हाईवे जाम कई बार खोला और दोबारा लगाया गया, जिससे पंजाब के अन्य हिस्सों, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर की ओर जाने वाले यात्री प्रभावित हुए।

2,000 से ज्यादा जवान तैनात, क्लासें बंद

सोमवार (28 सितंबर) तड़के तक LPU में 2,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए। ADGP एम.एफ. फारूकी ने ANI से कहा कि कानून-व्यवस्था पूरी तरह बहाल कर दी गई है। LPU ने सोमवार से 10 दिन के लिए नियमित कक्षाएं स्थगित कर दी हैं और मिड-टर्म परीक्षाएं टाल दी हैं। चितकारा यूनिवर्सिटी में 1 अक्टूबर तक शैक्षणिक गतिविधियां बंद हैं और 5 अक्टूबर से कक्षाएं फिर शुरू होंगी।

दोनों घटनाओं के संबंध की जांच

पंजाब पुलिस यह भी जांच रही है कि दोनों हिंसक प्रदर्शनों के पीछे क्या कारण थे और क्या इनमें कोई संबंध था। हालांकि जांच शुरू होने को दोनों घटनाओं में साजिश या समन्वय की पुष्टि नहीं माना जाना चाहिए। दोनों कैंपस में हॉस्टल को लेकर चिंताजनक संदेश ऑनलाइन फैले, लेकिन दोनों जगह आरोप अलग थे और उनकी जांच भी अलग-अलग है। फिलहाल दोनों यूनिवर्सिटी में कक्षाएं बंद हैं और अनुत्तरित सवालों तथा हिंसा ने छात्रों की चिंता बढ़ा दी है।

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