विश्व हृदय दिवस पर फेलिक्स अस्पताल से बायोडायवर्सिटी पार्क तक निकली वॉकथॉन, ‘हर धड़कन महत्वपूर्ण’ का दिया संदेश

नोएडा। विश्व हृदय दिवस के अवसर पर सेक्टर-137 स्थित फेलिक्स अस्पताल की ओर से रविवार को वर्ल्ड हार्ट डे वॉकथॉन-2026 का आयोजन किया गया। अस्पताल परिसर से शुरू हुई इस वॉकथॉन में बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। प्रतिभागी फेलिक्स अस्पताल से पैदल बायोडायवर्सिटी पार्क तक पहुंचे। इस दौरान लोगों को हृदय स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हुए नियमित शारीरिक गतिविधि, संतुलित खानपान और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया।

इस वर्ष आयोजन की थीम ‘डोंट मिस अ बीट’ रखी गई। वॉकथॉन के साथ सीपीआर का लाइव डेमो, स्वास्थ्य संवाद और योग सत्र भी आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य हृदय रोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ लोगों को अपनी रोजमर्रा की जीवनशैली में स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित करना रहा।

मीडिया जगत की हस्तियों ने भी लिया वॉकथॉन में हिस्सा

कार्यक्रम में इंडिया टीवी के वरिष्ठ कार्यकारी संपादक सौरव शर्मा, न्यूज24 के कार्यकारी संपादक अखिलेश आनंद और इंडिया टीवी की वरिष्ठ संपादक मीनाक्षी जोशी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। तीनों ने प्रतिभागियों के साथ वॉकथॉन में हिस्सा लिया और नियमित शारीरिक गतिविधि, संतुलित खानपान तथा स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का संदेश दिया।

इंडिया टीवी के वरिष्ठ कार्यकारी संपादक सौरव शर्मा ने कहा कि आज की तेज रफ्तार जिंदगी में लोग काम और दूसरी जिम्मेदारियों के बीच अपने स्वास्थ्य को पीछे छोड़ देते हैं। उन्होंने कहा कि हृदय को स्वस्थ रखने के लिए किसी बड़े बदलाव का इंतजार करने के बजाय रोजमर्रा की दिनचर्या में छोटे-छोटे सकारात्मक बदलाव किए जाने चाहिए। नियमित शारीरिक गतिविधि और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच को जीवन का हिस्सा बनाने की जरूरत है।

न्यूज24 के कार्यकारी संपादक अखिलेश आनंद ने कहा कि हृदय स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता समाज के हर वर्ग तक पहुंचना जरूरी है। युवाओं में भी स्वास्थ्य को लेकर सजगता बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वॉकथॉन जैसे आयोजन लोगों को एक साथ जोड़ने के साथ स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक संदेश देने का काम करते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से नियमित व्यायाम और स्वस्थ आदतों को अपनाने की अपील की।

इंडिया टीवी की वरिष्ठ संपादक मीनाक्षी जोशी ने कहा कि हृदय स्वास्थ्य केवल अस्पताल या डॉक्टर तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक व्यक्ति की रोजमर्रा की जीवनशैली से जुड़ा है। उन्होंने नियमित पैदल चलने, व्यायाम करने और खानपान को संतुलित रखने को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।

डॉ. डीके गुप्ता बोले- स्वस्थ हृदय के लिए जीवनशैली में बदलाव जरूरी

फेलिक्स अस्पताल के चेयरमैन डॉ. डीके गुप्ता ने कहा कि हृदय शरीर का महत्वपूर्ण अंग है और इसके स्वास्थ्य का सीधा संबंध हमारी जीवनशैली से है। तनाव, शारीरिक गतिविधियों की कमी, असंतुलित खानपान और स्वास्थ्य की अनदेखी हृदय संबंधी समस्याओं के जोखिम को बढ़ा सकती है।

उन्होंने कहा कि विश्व हृदय दिवस का उद्देश्य केवल एक दिन जागरूकता फैलाना नहीं, बल्कि लोगों को जीवनभर अपने हृदय की देखभाल के लिए प्रेरित करना है। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और धूम्रपान से दूरी स्वस्थ जीवनशैली के महत्वपूर्ण हिस्से हैं।

डॉ. गुप्ता ने लोगों से अपील की कि किसी भी असामान्य शारीरिक परेशानी को नजरअंदाज न करें और जरूरत पड़ने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लें।

महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों को भी जागरूक रहने की जरूरत

फेलिक्स अस्पताल की प्रबंध निदेशक डॉ. रश्मि गुप्ता ने कहा कि महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों समेत हर आयु वर्ग के लोगों को हृदय की देखभाल के प्रति सजग रहने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि स्वस्थ हृदय के लिए रोजमर्रा की दिनचर्या में किए गए छोटे-छोटे सकारात्मक बदलाव महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। वॉकथॉन जैसे कार्यक्रम लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के साथ सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने का माध्यम भी हैं।

उन्होंने लोगों से अपने स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदारी निभाने और परिवार के सदस्यों को भी स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रेरित करने की अपील की।

CPR का लाइव प्रदर्शन, आपात स्थिति में मदद का दिया संदेश

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को CPR यानी कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी गई। फेलिक्स अस्पताल के इमरजेंसी विभाग के एचओडी डॉ. दानिश ने सीपीआर का प्रत्यक्ष प्रदर्शन किया और आपात स्थिति में इसकी भूमिका के बारे में जानकारी दी।

कार्यक्रम में सीपीआर पर आधारित एक लघु नाटिका भी प्रस्तुत की गई। इसके माध्यम से लोगों को आपात स्थिति में सही समय पर मदद उपलब्ध कराने के महत्व को समझाया गया।

इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. गौरव भारद्वाज ने स्वास्थ्य संवाद के दौरान हृदय स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर प्रकाश डाला।

योग सत्र और स्वास्थ्य संवाद ने बढ़ाई जागरूकता

वॉकथॉन के साथ आयोजित योग सत्र में प्रतिभागियों को नियमित शारीरिक गतिविधि को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संदेश दिया गया। स्वास्थ्य संवाद के दौरान हृदय रोगों से बचाव, नियमित स्वास्थ्य जांच और जीवनशैली में सुधार से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।

कार्यक्रम में प्रतिभागियों को निःशुल्क ईसीजी जांच के कूपन भी वितरित किए गए। इससे लोगों को अपने हृदय स्वास्थ्य की जांच के प्रति प्रोत्साहित किया गया।

बच्चों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता

आयोजन को केवल वयस्कों तक सीमित न रखते हुए छोटे बच्चों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इसके जरिए बच्चों को कम उम्र से ही स्वास्थ्य और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया।

वॉकथॉन में शामिल प्रतिभागियों को आयोजन की स्मृति के रूप में निःशुल्क टोपी और प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए।

29 सितंबर को मनाया जाता है विश्व हृदय दिवस

हर वर्ष 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य हृदय रोगों के प्रति लोगों को जागरूक करना और हृदय को स्वस्थ रखने के लिए जीवनशैली में जरूरी बदलावों के प्रति प्रेरित करना है।

बदलती जीवनशैली, तनाव, असंतुलित खानपान, धूम्रपान, शराब का सेवन और शारीरिक गतिविधियों की कमी हृदय स्वास्थ्य के लिए जोखिम कारक हो सकते हैं। ऐसे में नियमित शारीरिक गतिविधि और संतुलित आहार को दिनचर्या में शामिल करना महत्वपूर्ण माना जाता है।

नमक, चीनी और अधिक वसा वाले भोजन पर रखें नियंत्रण

स्वस्थ हृदय के लिए भोजन में नमक, चीनी और अधिक वसा की मात्रा को सीमित रखना उपयोगी हो सकता है। फल, सब्जियां, साबुत अनाज और पर्याप्त पानी को संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है। नियमित शारीरिक गतिविधि भी हृदय स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। अपनी उम्र और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार रोजाना शारीरिक गतिविधि को दिनचर्या में शामिल करने की सलाह दी जाती है। वहीं उच्च रक्तचाप, मधुमेह और कोलेस्ट्रॉल जैसी स्थितियों की नियमित जांच कराना भी जरूरी है, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें इनसे संबंधित जोखिम या चिकित्सकीय सलाह हो।

सीने में दर्द और सांस की परेशानी को न करें नजरअंदाज

विशेषज्ञों के अनुसार सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी, अचानक अत्यधिक पसीना आना, असामान्य कमजोरी या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई देने पर उन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षणों की स्थिति में तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेना जरूरी है। फेलिक्स अस्पताल की ओर से आयोजित वर्ल्ड हार्ट डे वॉकथॉन का संदेश भी यही रहा कि हृदय स्वास्थ्य केवल बीमारी होने के बाद उपचार का विषय नहीं है, बल्कि रोजमर्रा की स्वस्थ आदतों से इसकी देखभाल की शुरुआत की जा सकती है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार आयोजन का उद्देश्य हृदय स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता को एक दिन तक सीमित न रखते हुए इसे सामुदायिक स्वास्थ्य अभियान के रूप में आगे बढ़ाना है।

 

यह भी पढ़ें: UPITS में दिखी YEIDA की 25 साल की विकास यात्रा, एयरपोर्ट से लेकर जापान-कोरियन सिटी तक योजनाओं का मॉडल बना आकर्षण

यहां से शेयर करें