IndiGo गुवाहाटी-बेंगलुरु उड़ान में टेल स्ट्राइक, दूसरे लैंडिंग प्रयास के दौरान हुई घटना

बेंगलुरु/गुवाहाटी, गुवाहाटी से बेंगलुरु जा रही IndiGo की एक उड़ान को लैंडिंग के दौरान तकनीकी घटना का सामना करना पड़ा। विमान ने पहले प्रयास के बाद दोबारा लैंडिंग की कोशिश की, इसी दौरान विमान के पिछले हिस्से यानी टेल का रनवे से संपर्क हो गया। घटना को विमानन भाषा में टेल स्ट्राइक कहा जाता है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विमान ने दूसरे लैंडिंग अप्रोच के दौरान टेल स्ट्राइक का सामना किया। इसके बाद विमान को सुरक्षित रूप से बेंगलुरु हवाईअड्डे पर उतारा गया। घटना में किसी यात्री या चालक दल के सदस्य के घायल होने की सूचना सामने नहीं आई है। हालांकि, विमान को विस्तृत तकनीकी निरीक्षण के लिए सेवा से हटाया गया है या नहीं, इस संबंध में आधिकारिक तौर पर पूरी जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है। यह मामला फिलहाल विकसित हो रहा है।

क्या हुआ था

जानकारी के मुताबिक, गुवाहाटी-बेंगलुरु सेक्टर में संचालित IndiGo विमान ने बेंगलुरु हवाईअड्डे पर उतरने का पहला प्रयास किया। किसी कारणवश विमान को दोबारा लैंडिंग की प्रक्रिया अपनानी पड़ी। दूसरे अप्रोच के दौरान विमान के पिछले निचले हिस्से ने रनवे को छू लिया।

टेल स्ट्राइक आमतौर पर उस स्थिति में होती है जब लैंडिंग या टेकऑफ के दौरान विमान का नोज़ ऊपर उठ जाता है और उसका पिछला हिस्सा रनवे के अपेक्षाकृत करीब आ जाता है। यह घटना विमान के ढांचे, विशेष रूप से टेल सेक्शन और दबावयुक्त हिस्सों को नुकसान पहुंचा सकती है, इसलिए विमान को दोबारा उड़ान भरने से पहले इंजीनियरिंग जांच से गुजरना पड़ता है। मौजूदा रिपोर्टों में विमान का सटीक मॉडल, उड़ान संख्या, यात्रियों की संख्या और घटना के समय मौसम की स्थिति की विस्तृत पुष्टि नहीं हुई है। IndiGo या नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी DGCA की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान आने के बाद घटना की परिस्थितियां और स्पष्ट हो सकती हैं।

विमान की जांच जरूरी

टेल स्ट्राइक के बाद विमान की बाहरी सतह पर मामूली खरोंच से लेकर संरचनात्मक क्षति तक का आकलन किया जाता है। विमानन सुरक्षा नियमों के तहत संबंधित इंजीनियर विमान के टेल सेक्शन, फ्यूजलेज, प्रेशर बल्कहेड और अन्य संवेदनशील हिस्सों का निरीक्षण करते हैं। यदि किसी तरह की संरचनात्मक क्षति मिलती है, तो विमान को आवश्यक मरम्मत पूरी होने तक परिचालन से बाहर रखा जाता है। विमान के दोबारा उड़ान भरने की अनुमति तकनीकी जांच और नियामकीय प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही दी जाती है।

DGCA की भूमिका पर नजर

घटना की प्रकृति को देखते हुए DGCA द्वारा एयरलाइन से प्रारंभिक रिपोर्ट, फ्लाइट डेटा, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग, मौसम संबंधी जानकारी और लैंडिंग प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। जरूरत पड़ने पर नियामक चालक दल की कार्रवाई, विमान की तकनीकी स्थिति और प्रशिक्षण रिकॉर्ड की भी समीक्षा कर सकता है।

हाल के वर्षों में IndiGo के कुछ विमानों से जुड़े टेल स्ट्राइक मामलों के बाद DGCA ने एयरलाइंस को संचालन प्रक्रियाओं, प्रशिक्षण, इंजीनियरिंग निरीक्षण और फ्लाइट डेटा मॉनिटरिंग को मजबूत करने के निर्देश दिए थे। वर्ष 2023 में लगातार टेल स्ट्राइक घटनाओं के बाद DGCA ने IndiGo पर 30 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था और प्रक्रियाओं में सुधार के निर्देश जारी किए थे।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

सितंबर 2024 में दिल्ली-बेंगलुरु मार्ग पर संचालित IndiGo के एक A321 विमान से जुड़ी टेल स्ट्राइक घटना की DGCA ने जांच की थी। उस मामले में विमान को बेंगलुरु में ग्राउंड कर दिया गया था और संबंधित चालक दल को जांच पूरी होने तक ड्यूटी से हटा दिया गया था। IndiGo ने उस समय कहा था कि विमान आवश्यक मरम्मत के बाद ही सेवा में लौटेगा। मुंबई हवाईअड्डे पर भी खराब मौसम और लैंडिंग के दौरान दोबारा गो-अराउंड की स्थिति में IndiGo के एक A321 विमान से टेल स्ट्राइक की खबर सामने आई थी। ऐसे मामलों में विमान को सुरक्षित रूप से उतारने के बाद उड़ान संचालन रोककर तकनीकी जांच की जाती है।

यात्रियों पर संभावित असर

घटना के कारण संबंधित विमान की अगली उड़ान प्रभावित हो सकती है। विमान को निरीक्षण के लिए रोके जाने पर एयरलाइन को यात्रियों के लिए वैकल्पिक विमान, देरी या उड़ान पुनर्निर्धारण की व्यवस्था करनी पड़ सकती है। हालांकि, इस विशेष घटना से यात्रियों की आगे की यात्रा पर पड़े प्रभाव और किसी उड़ान रद्द होने की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। IndiGo की ओर से विस्तृत बयान और DGCA की प्रारंभिक रिपोर्ट सामने आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि टेल स्ट्राइक का कारण मौसम, हवा की स्थिति, लैंडिंग प्रोफाइल, गो-अराउंड प्रक्रिया, विमान का संतुलन या कोई तकनीकी कारण था।

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