बिहार मंत्री श्रेयसी सिंह के ‘डिसेंट मॉरल पोलिसिंग’ बयान पर बवाल

पटना/जमुई। बिहार की मंत्री और जमुई से विधायक श्रेयसी सिंह का एक बयान विवादों में घिर गया है। उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र में एक लड़के और लड़की के साथ हुई छेड़छाड़ व मारपीट की घटना पर टिप्पणी करते हुए कहा कि नैतिकता की निगरानी (मॉरल पोलिसिंग) को “अधिक शालीन और सुसंस्कृत तरीके” से किया जा सकता है।

सोमवार को इंडिया टुडे टीवी से बातचीत में 35 वर्षीय भाजपा नेता और पूर्व निशानेबाज सिंह ने इस घटना की निंदा करते हुए यह टिप्पणी की, जो राष्ट्रीय सुर्खियों में छा गई है। दरअसल सोमवार को एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें जमुई की एक सड़क किनारे कुछ लोगों का समूह एक लड़के और दसवीं कक्षा की छात्रा को घेरकर परेशान करता दिख रहा था। इस वीडियो ने देशभर में आक्रोश पैदा कर दिया।

मंत्री ने कहा कि किसी के जीवन जीने के तरीके पर राय रखी जा सकती है, लेकिन दोनों के साथ जिस तरह का बर्ताव किया गया, वह बर्दाश्त करने लायक नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वे समझ नहीं पा रहीं कि समाज के लोग किसी लड़के-लड़की के साथ इस तरह पेश कैसे आ सकते हैं, खासकर जब उन्हें पता होना चाहिए था कि दोनों बच्चे बाहर के हैं। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि वे इस मामले में दोषियों को बचने का कोई मौका नहीं देंगी और यह घटना भविष्य के लिए एक मिसाल बननी चाहिए।

पुलिस कार्रवाई

इस बीच पुलिस ने जमुई मामले के मुख्य आरोपी नंदन यादव को एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। वायरल वीडियो से पहचाने गए एक अन्य आरोपी हरे राम यादव को भी गिरफ्तार किया गया, जिसे मुठभेड़ के दौरान पैर में चोट आई।

विपक्ष का हमला

जन शक्ति जनता दल प्रमुख तेजप्रताप यादव ने इस मुद्दे पर सम्राट चौधरी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिहार में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं, जबकि सरकार लगातार सुरक्षा के दावे करती रहती है। उन्होंने इसे लड़के-लड़की का निजी मामला बताते हुए कहा कि वे कहीं भी जाने के लिए स्वतंत्र हैं। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी सोशल मीडिया मंच एक्स पर मंत्री के बयान पर तीखा सवाल उठाया और “शालीन व सुसंस्कृत मॉरल पोलिसिंग” वाली टिप्पणी को लेकर तंज कसा।

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