नोएडा विधानसभा में टिकट को लेकर भाजपा के भीतर हलचल, पंकज सिंह के सामने दावेदारों की बढ़ती सक्रियता

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में अभी समय है, लेकिन नोएडा विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी के भीतर टिकट को लेकर चर्चाएं तेज होती दिखाई दे रही हैं। मौजूदा विधायक पंकज सिंह 2017 और 2022 में लगातार दो बार इस सीट से जीत दर्ज कर चुके हैं। ऐसे में 2027 के लिए पार्टी किसे मैदान में उतारेगी, इसे लेकर स्थानीय राजनीतिक हलकों में अटकलों का दौर शुरू हो गया है। हालांकि भाजपा ने अभी तक नोएडा सीट के लिए किसी उम्मीदवार के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

पंकज सिंह लगातार दो चुनाव जीत चुके हैं

नोएडा विधानसभा सीट से पंकज सिंह पहली बार 2017 में भाजपा के टिकट पर चुनाव जीते थे। इसके बाद 2022 में उन्होंने दोबारा जीत दर्ज की। 2022 के चुनाव में पंकज सिंह को 2,44,319 वोट मिले और उन्होंने 1,81,513 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। विधानसभा के आधिकारिक रिकॉर्ड में भी उन्हें नोएडा से भाजपा विधायक के तौर पर दर्ज किया गया है।

यानी चुनावी आंकड़ों के लिहाज से पंकज सिंह का नोएडा सीट पर मजबूत रिकॉर्ड रहा है। लेकिन 2027 का टिकट किसे मिलेगा, यह भाजपा का केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व चुनाव के समय संगठनात्मक समीकरण, स्थानीय फीडबैक और अन्य राजनीतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तय करेगा।

मनोज गुप्ता की सक्रियता से भी बढ़ी चर्चा

नोएडा भाजपा की राजनीति में मनोज गुप्ता भी एक महत्वपूर्ण नाम हैं। उपलब्ध स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार वह नोएडा महानगर भाजपा के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं और संगठन में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। 2025 की रिपोर्टों में उन्हें नोएडा महानगर अध्यक्ष के रूप में भी दर्ज किया गया था।

स्थानीय राजनीतिक चर्चाओं में यह भी कहा जा रहा है कि मनोज गुप्ता नोएडा विधानसभा से अपनी दावेदारी मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि भाजपा की ओर से उनकी उम्मीदवारी या टिकट की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में इस तरह की चर्चाओं को फिलहाल संभावित दावेदारी और राजनीतिक गतिविधि के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

शालिनी सिंह की बढ़ती सक्रियता भी चर्चा में

नोएडा विधानसभा को लेकर एक और नाम इन दिनों चर्चा में है—शालिनी सिंह, जो पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह की बेटी हैं। हाल के महीनों में शालिनी सिंह की नोएडा में सामाजिक और सार्वजनिक गतिविधियां बढ़ी हैं। अगस्त 2026 में नोएडा सिटीजन फोरम के कार्यक्रम में उनकी भागीदारी की रिपोर्ट भी सामने आई थी। इसके अलावा मीडिया रिपोर्टों में शालिनी सिंह के नोएडा विधानसभा से भाजपा के टिकट की संभावनाओं को लेकर चर्चा हुई है। हालिया रिपोर्ट में उनके द्वारा पंकज सिंह को दोबारा टिकट मिलने की स्थिति पर अपने राजनीतिक फैसले के संकेत दिए जाने का भी उल्लेख है।

शालिनी सिंह की सक्रियता का एक पहलू यह भी है कि वह स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनने और संबंधित अधिकारियों के सामने मुद्दे उठाने की कोशिश करती नजर आ रही हैं। इससे नोएडा की राजनीति में उनकी मौजूदगी को लेकर चर्चा बढ़ी है।

पंकज सिंह के समर्थक गिना रहे हैं काम

दूसरी ओर पंकज सिंह के समर्थकों का कहना है कि विधायक के रूप में उनके कार्यकाल को उनके काम के आधार पर देखा जाना चाहिए। समर्थकों के अनुसार नोएडा में विकास कार्यों और विभिन्न स्थानीय मुद्दों पर विधायक की सक्रियता रही है और उनके खिलाफ ऐसा कोई बड़ा स्थापित मुद्दा नहीं है, जिसके आधार पर टिकट काटे जाने की बात कही जाए।

पंकज सिंह की अपनी वेबसाइट पर भी ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंवाद कार्यक्रमों के जरिए लोगों की समस्याएं सुनने और अधिकारियों को निर्देश देने संबंधी जानकारी उपलब्ध है।

लेकिन जनता के बीच पहुंच को लेकर अलग-अलग धारणा

नोएडा की राजनीति में चर्चा केवल विकास कार्यों तक सीमित नहीं है। आम लोगों के बीच किसी जनप्रतिनिधि की उपलब्धता और उनसे सीधे संपर्क का मुद्दा भी महत्वपूर्ण माना जाता है। स्थानीय स्तर पर ऐसी धारणा सुनने को मिलती है कि आम नागरिकों के लिए विधायक तक सीधे पहुंच बनाना आसान नहीं है। कुछ लोगों का कहना है कि उनके पास विधायक से व्यक्तिगत तौर पर संपर्क करने का सीधा माध्यम नहीं है, जिसके कारण रोजमर्रा की समस्याओं या व्यक्तिगत परेशानी के समय सीधे संपर्क करना मुश्किल महसूस होता है।

हालांकि यह स्थानीय लोगों के बीच व्यक्त की जाने वाली धारणा है और इसे किसी स्वतंत्र सर्वेक्षण का निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। दूसरी तरफ विधायक की आधिकारिक वेबसाइट पर संपर्क के लिए फोन नंबर और ईमेल सहित लोगों से संवाद का माध्यम उपलब्ध कराया गया है।

टिकट की दौड़ में कई नाम, फैसला पार्टी नेतृत्व के हाथ में

नोएडा जैसी महत्वपूर्ण शहरी सीट पर भाजपा के भीतर टिकट को लेकर स्वाभाविक रूप से राजनीतिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं। पंकज सिंह के सामने मनोज गुप्ता और शालिनी सिंह के नामों की चर्चा इसी राजनीतिक गतिविधि का हिस्सा है। इसके अलावा पार्टी के अन्य स्थानीय नेता भी संगठन में अपनी स्थिति मजबूत करने और नेतृत्व तक अपनी दावेदारी पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं।

फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यही है कि 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने नोएडा सीट पर उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि मौजूदा विधायक का टिकट कटेगा या किसी नए चेहरे को मौका मिलेगा। आने वाले महीनों में भाजपा का संगठनात्मक फीडबैक, स्थानीय नेताओं की सक्रियता, जनता से संवाद और पार्टी नेतृत्व के फैसले यह तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं कि 2027 में नोएडा विधानसभा सीट से कमल के निशान पर कौन चुनाव मैदान में उतरता है।

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