कोलकाता/नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले राज्य की सियासत में हलचल मच गई है। ममता बनर्जी गुट की तृणमूल कांग्रेस (कालीघाट गुट) की उम्मीदवार संचिता प्रधान (डे) ने नबान्न में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद उनके नाम वापस लेने की खबरें सामने आईं, हालांकि इसकी अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और उन्हें फिलहाल चुनाव मैदान में बने उम्मीदवार के तौर पर ही देखा जा रहा है।
क्यों हुई मुलाकात, साफ नहीं
संचिता प्रधान और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के बीच हुई इस मुलाकात को लेकर कोई आधिकारिक राजनीतिक स्पष्टीकरण अभी सामने नहीं आया है, जिसके चलते बंगाल की राजनीति में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
6 अक्टूबर को वोटिंग, 9 को नतीजे
नंदीग्राम विधानसभा सीट पर उपचुनाव 6 अक्टूबर को होगा, जबकि मतगणना 9 अक्टूबर को निर्धारित है। यह सीट शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। दरअसल हाल के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर, दोनों सीटों से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की थी। भवानीपुर में उन्होंने खुद ममता बनर्जी को हराया था। दोनों सीटें जीतने के बाद उन्होंने भवानीपुर सीट अपने पास रखी और नंदीग्राम से इस्तीफा दे दिया, जिसके चलते अब यहां उपचुनाव हो रहा है।
मैदान में कौन-कौन
इस उपचुनाव में ममता बनर्जी गुट की ओर से संचिता प्रधान मैदान में हैं, वहीं ऋतब्रत बनर्जी गुट ने मोहम्मद एतेशामुल हक को अपना उम्मीदवार बनाया है। भारतीय जनता पार्टी ने पूर्व मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पूर्व निजी सहायक की मां हसीरानी रथ को टिकट दिया है। कांग्रेस और वाम मोर्चे ने भी अपने-अपने प्रत्याशी उतारे हैं।
TMC के नाम और चुनाव चिन्ह पर भी विवाद
उपचुनाव से पहले TMC के भीतर दो गुटों के बीच पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर विवाद चल रहा है। चुनाव आयोग ने अंतरिम व्यवस्था के तहत पुराने नाम और ‘फूल-घास’ चुनाव चिन्ह के इस्तेमाल पर रोक लगाते हुए दोनों गुटों को अलग पहचान दे दी है। इसी विवाद के बीच नंदीग्राम में मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।

