क्या नीला दांव के आगे फीका पड़ेगा भगवा

लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 8 सितंबर को पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर छात्र विंग समाजवादी छात्र सभा (छात्रा सभा) के लिए नया ड्रेस कोड घोषित किया। अब कार्यकर्ता ब्लू टी-शर्ट, ब्लू जींस और लाल टोपी पहनेंगे। पहले लाल शर्ट या कुर्ता इस्तेमाल होता था।

अखिलेश ने कहा, “जब नई पीढ़ी की सोच नई है तो यूनिफॉर्म भी नई होनी चाहिए। यह यूनिफॉर्म समाजवादी मूल्यों और बहुजन समाज की बात करती है।” उन्होंने नीले रंग को संविधान, लोकतंत्र, विचारधारा, बाबासाहेब अंबेडकर और बहुजन समाज से जोड़ा। जींस को अन्याय के खिलाफ मजदूरों के विद्रोह का प्रतीक बताया। पार्टी दो सप्ताह का छात्र जागरूकता अभियान चलाएगी। कार्यकर्ता विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और हॉस्टलों में जाकर युवाओं को PDA (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) आंदोलन से जोड़ेंगे।

राजनीतिक संकेत
नीला रंग उत्तर प्रदेश की राजनीति में बसपा और बहुजन आंदोलन से जुड़ा माना जाता है। सपा का पारंपरिक रंग लाल-हरा रहा है। विश्लेषक इसे बसपा के बहुजन वोटबैंक में सेंध लगाने और 2024 लोकसभा में मिले दलित समर्थन को विधानसभा स्तर पर मजबूत करने की कोशिश मान रहे हैं। 2024 में सपा ने उत्तर प्रदेश में 37 सीटें जीती थीं।

अखिलेश PDA फॉर्मूले को आगे बढ़ा रहे हैं। हाल में उन्होंने “पी” को पंडित भी बताया और ब्राह्मण सम्मेलन में भाजपा पर निशाना साधा। मंदिर, हनुमान और राम मंदिर जैसे मुद्दों पर भी पार्टी सक्रिय है। डिंपल यादव महिलाओं और युवाओं तक पहुंच बना रही हैं। यह कदम 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सपा की व्यापक सामाजिक इंजीनियरिंग का हिस्सा दिखता है—बहुजन, पिछड़े, अल्पसंख्यक, ऊंची जातियां, महिलाएं और युवा। ब्लू टी-शर्ट उसी रणनीति का ताजा प्रतीक है।

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